
जबलपुर (जय लोक)। गांजे के तस्करों के लिए जबलपुर प्रदेश की सबसे सुरक्षित मंडी बन गया है। इस कार्य में लड़कियों और नई उम्र की युवतियों को शामिल कर तस्करी का कार्य किया जा रहा है। उड़ीसा से गांजे की बड़ी-बड़ी खेप जबलपुर लाकर गांजे के तस्कर प्रदेश के दूसरे शहरों में बड़ी आसानी से गांजा भेज रहे हैं।
गांजे की तस्कर करने के लिए तस्कर लगातार तस्करी के लिए नए-नए उपाय कर रहे हैं। पहले पुरुष तस्कर अकेले तस्करी किया करते रहे हैं। बाद में गांजा तस्करों ने अपने साथ महिलाओं को भी शामिल कर लिया ताकि महिलाओं को आसानी से पकड़ा ना जा सके। लेकिन जब महिला तस्करों को भी पकड़ा जाने लगा तब गांजा तस्करों ने गांजे की तस्करी करने के लिए युवतियों को भी शामिल करना शुरु कर लिया है। गांजा तस्करों के साथ अब युवतियां भी पकड़ी जा रही हैं। ये युवतियां ट्राली बेग में गांजे को आसानी से यहां से वहां ले जाती हैं । युवतियों पर शक करना आसान नहीं होता है। मदन महल पुलिस ने दो दिन पूर्व रात को अंडर ब्रिज के पास एक युवक और युवती को पकड़ा। इनके पास से ट्राली बेग में 6 लाख रुपए के कीमत का 12 किलो से ज्यादा गांजा पकड़ा गया।

पकड़ी गई युवती बादशाह हलवाई मंदिर के पास रहने वाली खुशी कौर है और जो युवक पकड़ा गया है वह शक्ति नगर कोल माइंस से पास रहने वाला अभिषेक सोनकर है। इस गांजा तस्कर युवक ने पूछता में पुलिस को बताया कि वह गांजा तस्करी के लिए युवती को इसलिए साथ रखता है क्योंकि युवती पर आसानी से शक नहीं किया जाता है। यह दोनों युवक और युवती उदित पहले भी गांजा की तस्करी कर चुके हैं।

वहीं माढ़ोताल पुलिस ने भी बस स्टैंड से दो लोगों को पकड़ा है जो बस से सीधे उड़ीसा से 8 किलो गांजा लेकर आए थे। शहर में जितने भी गांजा तस्कर हैं वे उड़ीसा से रायपुर के रास्ते गांजा लेकर आते हैं। कभी कुछ तस्कर पकड़े भी जाते हैं और कुछ बच भी जाते हैं। लेकिन ये गांजा तस्कर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

Author: Jai Lok







