
गौकाष्ट, कोयला, लकड़ी, इंडक्शन चूल्हे का करें वैकल्पिक उपयोग-राघवेन्द्र सिंह
जबलपुर (जय लोक)। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब जबलपुर में साफ दिखाई देने लगा है। शहर में पिछले दो दिनों से गैस सिलेंडर की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित है। खासतौर पर कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने होटल, रेस्टॉरेंट, केटरिंग और सराफा कारोबार को प्रभावित किया है। घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की लगातार सामने आ रही खबरों के बाद जिला कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने इसे रोकने के लिए मजबूत कार्य योजना बनाई है। कलेक्टर राघवेन्द्र ङ्क्षसह ने जयलोक से चर्चा करते हुए बताया कि जिले के सभी एसडीएम को उनके क्षेत्र में संचालित हो रही गैस एजेंसियों पर सरकारी कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दे दिए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि दो शिफ्ट में हर गैस एजेंसी पर सरकारी कर्मचारी तैनात रहेंगे और उनकी निगरानी में घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किया जाएगा। इसके अलावा कलेक्टर श्री ङ्क्षसह ने शहर के नागरिकों से तनाव में आकर बुकिंग ना करने की अपील की है। साथ ही इस बात की भी अपील की है कि वे घरेलू गैस के वैकल्पिक संसाधनों पर भी ध्यान केन्द्रित करें जिनमें गौकास्ट, कोयला, लकड़ी, इंडक्शन चूल्हे आदि शामिल हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि गैस और पेट्रोलियम के उत्पादों पर हमारा देश अन्य देशों पर निर्भर है इसीलिए वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का भी उपयोग किया जाना चाहिए।

कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने शहरवासियों से कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाह में ना आएं, रसोई गैस की घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता है। गैस सिलेंडर मिलने के 25 दिनों के बाद ही गैस बुक करें। ज्यादा बुकिंग करने से सर्वर पर दबाव बढ़ेगा और जिसे वास्तव में रसोई गैस की जरूरत है वह वंचित रह जाएगा। किसी भी हॉकर या वैंडर जो यह कह रहा है कि रसोई गैस सिलेंडर की उपलब्धता की समस्या है तो उस पर विश्वास ना करें। हमारे पास पर्याप्त रसोई गैस सिलेंडर हैं। इसके संबंध में लगातार समीक्षा भी कर रहे हैें और रसोई गैस एजेंसी में अधिकारी मौजूद रहेंगे। अपनी आवश्यकता के अनुसार ही गैस बुक करें और उसका उपयोग करें।

कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ हॉकर चोरी-छिपे ब्लैक में सिलेंडर उपलब्ध कराने की पेशकश कर रहे हैं। गैस एजेंसियों पर बुकिंग के बावजूद डिलीवरी में देरी हो रही है। लोग सुबह से एजेंसियों के बाहर जानकारी लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा।

होटल-रेस्टॉरेंट पर संकट
कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप होने से शहर के होटल और रेस्टॉरेंट संचालक परेशान हैं। कई छोटे होटल संचालकों का कहना है कि उनके पास सीमित स्टॉक बचा है। यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो होटल बंद करने की नौबत आ सकती है। शादी-विवाह के सीजन में केटरिंग कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
सराफा बाजार में हाथ खाली
जबलपुर सराफा बाजार भी गैस संकट से अछूता नहीं है। यहां करीब 2 हजार से अधिक कारीगर सोना-चांदी के आभूषण बनाने का काम करते हैं। प्रत्येक कारीगर को औसतन महीने में तीन सिलेंडर की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से सराफा बाजार में हर महीने करीब 9 हजार सिलेंडर और रोजाना लगभग 300 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। सप्लाई बाधित होने से उत्पादन पर असर पड़ रहा है और ऑर्डर समय पर पूरे करना मुश्किल हो रहा है।
वहीं दूसरी तरफ गैस की कमी का असर शहर के चाय-नाश्ते की दुकानोंए फास्ट फूल ठेलों और रेहड़ी-पटरी कारोबारियों पर भी पड़ा है। कई दुकानदार वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ी या कोयले का सहारा लेने की सोच रहे हैं, जिससे खर्च बढऩे की आशंका है।
शादियों में बढ़ी चिंता
जिन घरों में शादी या अन्य आयोजन हैं, वहां गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में देरी से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो शहर में गैस को लेकर हाहाकार की स्थिति बन सकती है।
लग रही लंबी लाइन
इन दिनों गैस एजेंसियों में लोगों की लंबी लाइन देखी जा रही है। बुक करने के बाद भी समय पर गैस सिलेंडर घर नहीं पहुँच रहा है। एजेंसी के कर्मचारी रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता ना होने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वहीं एजेंसियों में खुद ही रसोई गैस लेने जाने वाले लोगों को लाइन में लगकर गैस सिलेंडर हासिल करना पड़ रहा है।
शहर के पेट्रोल पम्पों पर दिखने लगा डीजल संकट, एचपीसीएल की सप्लाई प्रभावित
कलेक्टर ने माँगी शहर के पेट्रोल पंप के बारे में रिपोर्ट
जय लोक। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के संकट के बीच आज शहर के कई पेट्रोल पंपों में डीजल समाप्त हो जाने की खबर सामने आई। तिलवारा, बलदेवबाग, विजयनगर और बरेला मार्ग के कुछ पेट्रोल पंप एक-दो दिन से बिना डीजल के हैं। यह जानकारी कलेक्टर राघवेंद्र सिंह तक पहुंचते ही उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर में संचालित पेट्रोलियम कंपनी के अधिकारियों से बात कर पेट्रोल डीजल से संबंधित उपलब्धता की पूरी जानकारी ले और वितरण व्यवस्था के बारे में भी पूरी जानकारी दें।
Author: Jai Lok






