
जबलपुर (जयलोक)। रांझी स्थित वाहन निर्माणी फैक्ट्री में एक कर्मचारी ने फाँसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कर्मचारी का शव फाँसी के फंदे पर झूलता हुआ पाया गया है। वहीं शव के पास सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें काम के दबाव होने की बात कही गई है। कर्मचारी के पास से मिले सुसाइड नोट में काम के दबाव की बात कही गई है जिसके बाद साथी कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है और वे आज रांझी थाने का घेराव करने जा रहे हैं।

रांझी पुलिस का कहना है कि कंचनपुर निवासी सेमसन मार्टिन व्हीकल फैक्टरी में चार्जमैन के पद पर पदस्थ है। वे फैक्टरी अपने निर्धारित समय पर ड्यूटी के लिए गए थे। उन्होंने अपने सेक्शन में पंखा पर फंदा डालकर फ ांसी लगा ली। शाम 5 बजे के लगभग कर्मचारियों ने सेमसन को फांसी के फंदे पर लटकते देखा तो स्तब्ध रह गए। यह खबर फैक्टरी के अंदर आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते कर्मचारी व अधिकारी एकत्र हो गए, वे भी घटना को लेकर हतप्रभ रहे।

जिनकी सूचना पर सुरक्षा विभाग व पुलिस अधिकारी पहुंच गए। पुलिस को जाँच के दौरान मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि सेमसन चार्जमेन के कार्यों के साथ ही सिविल वर्क का भी प्रभारी था। सिविल वर्क को लेकर ही वह परेशान बताया जा रहा था। घटना की खबर मिलते ही परिजनों सहित रिश्तेदार, परिचित भी मौके पर पहुंच गए थे। परिजनों ने सेमसन को देखा तो फूट-फूटकर रोए।

यूनियन ने की निष्पक्ष जाँच की माँग
साथी कर्मचारी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना से फैक्ट्री के कर्मचारी भी खफ हैं। ऑल इंडिया डिफेस एम्पलाईज फेडरेशन से संबंध जबलपुर की समस्त यूनियनें प्रकरण की निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर आज शाम रांझी पुलिस थाना घेराव करेंगी। कर्मचारियों का कहना है कि निगमीकरण के बाद कर्मचारियों में काम का दबाव काफी बढ़ गया है। इसके अलावा कर्मचारियों को बिना सोचे समझे कुछ भी काम पकड़ा दिया जाता है। जिससे कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं।
पत्नी ने कहा जबरन थमाया दूसरा काम
मृतक कर्मचारी की पत्नी ने पत्रकारों को बताया कि उनके पति फिटर थे। उन्हें जबरन नया दायित्व सौंपा गया। उन्हें बिल बनाना नहीं आता था, लेकिन फिर भी उनसे वह काम करवाया जा रहा था जिसमें 8 रूपये का फर्क आ रहा था। जिसके कारण वरिष्ठ अधिकारी उनके बनाए गए बिल पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे। जिससे उनके पति तनाव में थे।
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Author: Jai Lok






