
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा भीषण सैन्य संघर्ष अब पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा आर्थिक सिरदर्द बनता जा रहा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक जोरदार उछाल देखने को मिला, जिससे ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की कीमतों में आई इस आग ने आम आदमी की जेब और वैश्विक बाजार में डर का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारों का मानना है कि यह उछाल केवल अमेरिका-ईरान की सीधी जंग का नतीजा नहीं है, बल्कि अब इस युद्ध में नए खिलाडिय़ों की एंट्री ने आग में घी डालने का काम किया है। ताजा तनाव का मुख्य कारण ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले हैं। हूती विद्रोहियों ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि उनके हमले रुकेंगे नहीं। जहाजों को निशाना बनाया जाता है, तो वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख रास्ता पूरी तरह ठप हो जाएगा। ब्रेंट क्रूड में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 116.25 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, वहीं अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई भी 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 103 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। एक महीने से जारी इस जंग के खत्म होने के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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Author: Jai Lok







