
कलेक्टर की सख्ती से खनिज विभाग हुआ सक्रिय
एक मामले में लगाया गया तीन करोड़ का जुर्माना, बाकी का इंतजार
बरगी के नहर मार्गों से भूमाफिया कर रहा अवैध खनन की बेधडक़ ढुलाई
मानेगांव, तिलवारा में स्थाई चौकी की बरसों पुरानी दरकरार
जबलपुर (जय लोक)। जबलपुर जिला खनिज संपदा के मामले में बहुत संपन्न है शासन से ज्यादा इसका फायदा लुटेरे किस्म का खनिज माफिया उठा रहा है। इसे रोकने के लिए बरगी, तिलवारा, चरगवां आदि क्षेत्रों पर नजरबंदी के लिए सबसे पहले एक स्थाई चौकी जिसमें राजस्व खनिज और पुलिस विभाग के संयुक्त लोग तैनात हों इसकी बहुत आवश्यकता लंबे समय से अनुभव की जा रही है। इसके लिए कई बार माँग भी उठ चुकी है। सीसीटीवी कैमरे हाई क्वालिटी के जो गाडिय़ों के नंबर और हर एक बारीकी को रिकॉर्ड कर सकें उनकी बहुत आवश्यकता है। सिहोरा क्षेत्र में भी इसी प्रकार की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। कुछ वर्षों से माफिया जिले के खनिज संपदा को जमकर लूट रहे हैं। यह सब जिले में सफेदपोश, रसूखदार और प्रशासनिक नुमाइंदों की सांठगांठ से चल रहा है।
अभी हाल ही में एक घटना हुई थी जिसमें भू माफिया किस्म के लोग एक आईपीएस, खनिज विभाग के अधिकारी, राजस्व विभाग के लोगों के ऊपर डंपर चढ़ाने की बात करते नजर आए और धमकाते हुए दिखे। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इस पूरी घटना को बहुत गंभीरता से लिया और खनिज विभाग को सक्रिय किया। इस महीने लगातार अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ कार्यवाही हुई है।
लेकिन बरगी क्षेत्र में भू माफिया इन कार्यवाहियों के बावजूद भी खनन विभाग को बेवकूफ बनाकर बरगी की नहरों के रास्ते को अवैध रूप से खोदे गए खनिज मुरम, बोल्डर गिट्टी रेत आदि के परिवहन के लिए धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहा है और बरगी की नहरों को भी नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है।

बरगी के अलावा मझौली, कटंगी, पनागर सहित अन्य क्षेत्रों में बिना अनुमति बेशकीमती खनिज की लगातार अंधाधुंध खुदाई की जा रही है। पैसों के लालच में न सिर्फ माइनिंग नियमों की अनदेखी की जा रही है बल्कि पर्यावरण नियमों से भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह गोरखधंधा उन्हीं जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है जिनके कंधों पर सरकार ने इसकी रोकथाम की जिम्मेदारी सौंप रखी है। आलम यह है कि जिले में शहपुरा से लेकर कुंडम और सिहोरा से लेकर मझौली-कुंडम बरगी से लेकर चरगवां तक की सीमा तक बेशकीमती खनिज खुदाई और इसका परिवहन जमकर किया जा रहा है।
जनवरी माह अभी पूरा भी नहीं गुजरा है कि इस तरह के 8 मामले सामने आ चुके हैं जिसमें एक मामले में तो खनिज माफिया ने अधिकारियों की ही जान लेने की कोशिश की है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने कार्रवाही तो की है लेकिन खनन माफिया का यह हौसला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सांठगांठ को उजागर करता है।

मुरूम गिट्टी से भरे पकड़े गए वाहन
मायनिंग विभाग ने जनवरी माह में अवैध मुरूम और गिट्टी से भरे हाईवा, टे्रक्टर और ट्रकोंं को जप्त किया है। यह कार्रवाही सिहोरा, पिपरिया, सालीवाड़ा, मानेगांव, बरगी, विजय नगर जैसे क्षेत्रों में की गई है। जिनमें से कुछ में वाहन चालकों को हिरासत में लिया गया तो कुछ मामलों में वाहन मालिकों को आरोपी बनाया गया है।

ये है कार्रवाही का ब्यौरा
मायनिंग विभाग द्वारा 8 जनवरी को सिहोरा के गांधी ग्राम में हाईवा पकड़ा गया ्रथा जिसमें रेत पाई गई थी। वाहन चालक राहुल गौंड़ से जब इस संबंध में दस्तावेज मांगे गए तो उसके पास किसी प्रकार का कोई दस्तावेज नहीं मिला। वहीं दूसरी कार्रवाही 13 जनवरी को सोनपुर के पिपरिया में ट्रेक्टर ट्राली में रेत पकड़ी गई थी।
तीसरी कार्रवाही 8 जनवरी को सालीवाड़ा में की गई जिसमें अजय मेसर्स कंपनी के द्वारा अवैध रूप से मुरूम का अवैध परिवहन किया जा रहा था।
चौथी कार्रवाही 12 जनवरी को की गई, जिसमें गिट्टी से भरा हाईवा पकड़ा गया। यह हाईवा जयंत पाल का बताया जा रहा है।
पांचवी कार्रवाही 12 जनवरी को मानेगांव में की गई। यहां वाहन मालिक करण पाल के द्वारा अवैध मुरूम का परिवहन किया जा रहा था।
छठवी कार्रवाही 14 जनवरी को मानेगांव में की गई यहां रोहित जैन द्वारा अवैध तरीके से गिट्टी और मुरूम का अवैध परिवहन किया जा रहा था। मानेगांव में के्रशर से एम सेंड और गिट्टी की ओवरलोडिंग करते हुए तीन हाइवा को जब्त किया गया था। जैसे ही इन वाहनों को जब्त कर बरगी थाना ले जाने के लिए जबलपुर तहसीलदार और एवं डीएससी हेमत कुमार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रविन्द्र पटेल खनिज विभाग के इंस्पेक्टर विवेकानंद यादव अपने वाहनों से टोल नाके के पास पहुंचे, तभी रोहित जैन वहां पहुंचा। उसने अपनी गाड़ी को जब्त वाहनों के सामने अड़ा दिया। इस दौरान रोहित जैन के कई साथी भी वहां पहुंच गए।
22 जनवरी को सातवीं कार्रवाही विजय नगर में की गई यहां सूचना मिलने पर मुरूम से भरा हाईवा जप्त किया गया। हाईवा महेन्द्र कुमार का बताया गया है।
आठवीं कार्रवाही 12 जनवरी को विजय नगर में की गई यहां भी मुरूम से भरा हाईवा जप्त किया गया।
उत्खनन का मामला
रेत, मुरूम और गिट्टी के अवैध परिवहन के साथ साथ मायनिंग विभाग ने उत्खनन का एक मामला दर्ज किया। यहा मामला पहाड़ीखेड़ा खमरिया का है। यहां जेसीबी ट्रेक्टर के जरिए रेत का उत्खनन किया जा रहा था। जिसमें दीपांशु उपाध्याय मशीन मालिक का नाम सामने आया है।
सिर्फ एक मामले में लगा तीन करोड़ा का जुर्माना
इन पूरे मामले में सिर्फ एक मामले में भी अर्धदंड लगाया गया है। जिसमें सूखा क्षेत्र में 9 हजार घन मीटर पत्थर का संग्रहण किया गया था। कार्रवाही में तीन करोड़ रूपयों का अर्धदंड लगाया गया है। हालांकि जुर्माने की राशि अब तक अदा नहीं की गई है। वहीं अन्य के्रशरों की भी जाँच की जा रही है।
शहर के आसपास हैं बेसकीमती खनिज
जानकारी के मुताबिक शहर से लगे आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में मेजर मिनरल्स मार्बल के्रशर के अलावा गौड खनिज की करीब एक सैंकड़ा से अधिक खदानें हैं। इन खदानों में न सिर्फ बेशकीमती लेटराइट मार्बल मेग्नीज, आयरन ओर जैसे खनिज हैं बल्कि रेत, गिट्टी, मुरम, पत्थर, ब्लू डस्ट जैसे खनिज के भंडार हैं। इन खदानों को ठेकेदारों को लीज पर दिया गया है लेकिन आय बढ़ानेे के लिए सफेदपोश व रसूखदार भी इस कारोबार से जुड़ गए हैं जो नियमों से परे जाकर वैध कम अवैध तरीके से अंधाधुंध खनिज निकाल कर अपनी तिजोरियां भर रहे हैं।
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Author: Jai Lok







