
जबलपुर (जयलोक)। नशे की मंडी बनते जा रहे जबलपुर से अब आसपास के जिले में भी नशे की सामग्री पहुँचाई जा रही है। जिसका उदाहरण सतना जिले में देखने को मिला। जहां जबलपुर से बड़ी मात्रा में नशीली सिरप भेजी गई थी। यह खुलासा औषधि निरीक्षकों के फ्लाइंग स्क्वॉड की जाँच में हुआ। जहां सिवनी से नीली गोलियों की नशीली सामग्री बरामद की गई।
शहर में नशे की सामग्रीनशेडिय़ों को आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। यहां बड़ी मात्रा में गाँजा, स्मैक, नशीली दवाएं आसानी से गली मोहल्लों में उपलब्ध हो जाती हैं। लेकिन अब जबलपुर से ये सामग्री आसपास के जिलों में भी भेजी जा रही हैं।

इसी कड़ी में सिवनी के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य ने नशीली दवाओं के दुरूपयोग को रोकने के लिए उडऩदस्ता गठित किया। इस उडऩदस्ता दल में सतना की ड्रग इंस्पेक्टर प्रियंका चौबे को भी शामिल किया गया। गठित हुई फ्लाइंग स्क्वॉड ने अपना काम शुरू किया तो यहां कई मेडिकल दुकानों पर जाँच की गई जिसमें पता चला कि जबलपुर से नशीली दवाओं की खेप भी सिवनी आती है।
ये दवाएं सतना आती हैं और यहां से मैहर, पन्ना जैसे शहरों में सप्लाई की जाती है।

अस्पताल चौक की मेडिकल शॉप से जुटाए साक्ष्यों के आधार पर टीम को दस दवा दुकानों में ये नशीली दवाएं मिली। फिलहाल टीम यहां से दवा के खरीदी बिक्री के बारे में जानकारी हासिल कर रही है।
नीली गोली के नाम से प्रसिद्ध है नशीली दवा – नशेडिय़ों के लिए इस दवा का उपनाम भी बनाया गया है।

जिसमें नीली गोली के नाम से मेडिकल स्टोर्स में यह दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। नीली गोली नाम से किसी को नशीली दवा का शक भी नहीं होता और नशेडिय़ों को आसानी से यह दवा उपलब्ध हो जाती हैं।
Author: Jai Lok







