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जयशंकर के रुस दौरे से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाई

2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य
नई दिल्ली (जयलोक)। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर रूस के दौरे से लौट आए हैं। इस दौरा के दौरान उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता की। इस दौरे में उन्होंने रूसी नेताओं, विद्वानों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा की, जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का रास्ता साफ हो गया है। 19 अगस्त को विदेश मंत्री ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी का अभिवादन पहुंचाया और द्विपक्षीय एजेंडे के साथ यूक्रेन जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी हित के मामलों पर विचार-विमर्श किया, जो संबंधों को और मजबूत करने में सहायक होगा।
20 अगस्त को जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ आईआरआईजीसी-टीईसी के 26वें सत्र की सह-अध्यक्षता की। इस सत्र में व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को हटाने, लॉजिस्टिक्स में सुधार, कनेक्टिविटी बढ़ाने, भुगतान प्रणाली को आसान बनाने और 2030 तक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को लागू करने की योजना पर चर्चा की। इसके अलावा भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ के मुक्त व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने और दोनों देशों के व्यवसायों के बीच नियमित संपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी।
2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सत्र के अंत में दोनों सह-अध्यक्षों ने एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। सत्र में ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने और भारतीय कुशल श्रमिकों, खासकर आईटी, निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र में, उनकी गतिशीलता पर भी ध्यान दिया गया। इससे दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
आईआरआईजीसी-टीईसी सत्र के बाद आयोजित भारत-रूस व्यापार मंच में अधिकारियों, व्यवसायियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विदेश मंत्री और मंटुरोव ने इस मंच को संबोधित किया। दोनों पक्षों ने व्यापार मंच और आईआरआईजीसी के कार्य समूहों के बीच समन्वय तंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जो भविष्य में सहयोग को और प्रभावी बनाएगा।
जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, रक्षा, सैन्य-तकनीकी सहयोग और कजान व येकातेरिनबर्ग में नए भारतीय वाणिज्य दूतावासों के उद्घाटन को तेज करने पर चर्चा हुई।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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