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टिमरी हत्याकांड में 4 ब्राम्हणों की हत्या में आया राजनैतिक मोड़

विधायक दे रहे थे ब्राम्हण परिवार को दिलासा हत्यारों को फरार होने उनके खास कर रहे थे मदद

विधायक  और उनके खास साथी पर पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने लगाए गंभीर आरोपएकांग्रेस की प्रेस वार्ता

जबलपुर(जय लोक)। 27 जनवरी को पाटन थाना क्षेत्र के टिमरी गांव में साहू समाज के लोगों ने एकत्रित होकर ब्राम्हण समाज के 4 लोगों की हत्या कर दी थी। मरने वाले सभी लोग एक ही परिवार से सम्बंधित थे। इस घटना के दूसरे दिन अन्य सभी नेताओं के साथ विधायक अभिलाष पांडेय भी हत्या का शिकार हुए लोगों के परिजनों को ढांढ़सा देने के लिए मौके पर मौजूद थे। वहीं इस दौरान विधायक अभिलाष पांडेय के खास साथी और हत्यारों के मित्र श्रीकांत उफऱ्  कुक्की वर्मा हत्यारों को फरार होने में मदद कर रहे थे, उनको पैसे ट्रांसफर कर रहे थे। यह सभी आरोप आज एक पत्रकारवार्ता में पूर्व विधायक प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता एवं महामंत्री विनय सक्सेना ने लगाए हैं।
पत्रकारवार्ता में श्री सक्सेना के साथ कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा, पूर्व विधायक संजय यादव, राशिद सोहले सिद्दकी, विवेक अवस्थी, महिला कांगे्रस अध्यक्ष श्रीमती कमलेश यादव, विजय रजक, पंकज पटेल, सुशिमधर आदि उपस्थित थे। श्री सक्सेना ने आरोप लगाए कि इस नरसंहार के पीछे के सफेदपोश राजनीतिक एवं अपराधियों के गठजोड़ का खुलासा होना अभी बाक़ी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का भी इस मामले को लेकर जबलपुर के ग्राम टिमरी में पीडि़त परिवारों के निवास पर आगमन हुआ था जिसके बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने बेबाक़ आरोप लगाया था कि जहां भी अपराध होता है वहां भाजपा का जुड़ाव होता है।
श्री सक्सेना ने कहा कि इस पूरे मामले से जुड़ा शर्मनाक सच सामने आया है की टिमरी हत्याकांड के आरोपियों को रक्षा, सुरक्षा, संवर्धन और संरक्षण भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी श्रीकांत वर्मा ‘कुक्की’ द्वारा दिया जा रहा था। इस मामले में श्रीकांत  वर्मा कुक्की अकेला नहीं है बल्कि 15 आपराधिक लोगों का एक घातक गिरोह शामिल है। कांग्रेस नेता श्री सक्सेना ने पत्रकारवार्ता में कहा कि पिछले कुछ वर्षों से इस गिरोह का संरक्षण, पोषण और राजनीतिक कवच देने का काम उत्तर मध्य के विधायक ने किया है जो खुद को सेवक होने का दावा कर रहे हैं, जिनका मूलमंत्र ‘बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपया है’।

पुलिस जल्द करे खुलासा

कांग्रेस नेता विनय सक्सेना ने या बात उठाई कि हत्यकांड के सम्बंध में पुलिस को यह मालूम हो चुका है कि हत्यकांड को अंजाम देने के बाद फरारी काटने के लिए आरोपियों को कुक्की वर्मा ने पिपरिया स्थित एमपी ऑनलाइन से दस हज़ार रुपए उपलब्ध कराए और जब पुलिस ने कॉल रिकाड्र्स निकाले तो यह बात साफ़  हुई कि आरोपी और भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी श्रीकांत वर्मा कुक्की एक दूसरे से फोन पर सम्पर्क में थे। अब पुलिस आरोपी की तलाश करने उज्जैन तक हो आई है तो फिर पुलिस को इस पूरे मामले का खुलासा कर देना चाहिए कि हत्यारों कि मदद करने वाला कौन हंै और उसका संरक्षण देना वाला कौन हैं।
पूर्व विधायक ने कहा कि बहुचर्चित टिमरी हत्याकांड में सेवक के करीबी  श्रीकांत वर्मा कुक्की की भूमिका स्पष्ट है और वह भूमिगत है तो वही सेवक जी माँ गंगा की शरण में चले गए हैं। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की त्रिवेणी में अपने इन साथियों के साथ डुबकी लगाने से ब्रम्हत्या का यह महापाप धुलेगा नहीं। अभी भी पुलिस यदि तत्परता से छापा मारे तो यह आरोपी पकड़े जा सकते है।

थाने के घेराव में सार्वजनिक किये थे नाम

पिछले दिनों युवा कांग्रेसियों के द्वारा अवैध कारोबार, अपराध व अपराधियों के बुलंद होते हौसले सम्बन्धी तमाम बातों को सोशल मीडिया पर उजागर किया गया था लेकिन पुलिस ने अपराधियों पर सख्त कार्यवाही के बदले हमारे युवा कांग्रेसजनों के घर पर आधी रात को अवैध छापा मार कर कांग्रेसियों को डराने की कोशिश की थी जिसके सीसीटीवी वीडियो फुटेज हम उपलब्ध करा रहें हैं।
इसमें भी माननीय ‘सेवक’ और यादव कॉलोनी पुलिस चौकी स्टाफ  का हाथ था। विनय सक्सेना ने कहा कि कांग्रेसजनों के धरने में मैंने स्पष्ट रूप से माननीय ‘सेवक’ और उनके समस्त साथी व पुलिस का इनसे गठजोड़ का खुला आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी आरोपित किया था की पूर्व में लार्डगंज थाने से टीआई एवं सब इन्स्पेक्टर को भी ‘सेवक एवं गिरोह’ के दबाव के कारण थाने से हटा दिया गया था।
अगर पुलिस ने उसी समय सख्त कार्यवाही की होती और विधायक ने संज्ञान ले लिया होता और पुलिस को कार्यवाही करने हेतु बाध्य किया होता तो शायद टिमरी हत्याकांड नहीं होता।
कांग्रेस नेताओं ने माँग कि है कि सेवक जो की घटना के विरोध में संगठनों के साथ तथा घटना स्थल में परिवार के प्रति समवेदना व्यक्त कर घडिय़ाली आंसू बहाते तथा घटना से सच्चाई सामने लाने की माँग करते दिखे, वह अपने इस हत्याकांड के 15 दिन पूर्व एवं बाद के अपने सभी कॉल डिटेल्ज़ जनहित में सार्वजनिक करें। अत: इनकी नैतिक जि़म्मेदारी बनती है कि जनहित में अपना कॉल डिटेल सार्वजनिक करें। यदि सेवक जी स्वयं ऐसा नहीं करते हैं तो हम देश के प्रधानमंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से यह आग्रह करेंगे की वह विधायक सेवक के कॉल डिटेल्ज़ जनहित में सार्वजनिक करवाएँ और अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाए।

पीडि़त परिवार के सदस्यों को मिले सरकारी नौकरी

कोंग्रेस पार्टी सरकार से यह माँग भी करती है कि पीडि़त परिवारों के सदस्यों को प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी प्रदान करे तथा हमारे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा जो माँगे की गयी हैं उन माँगों के आधार पर पीडि़त परिवारों को तत्काल राहत दें। प्रशासन से यह माँग भी की गई है कि स्वयं को राजनीतिक दबाव से मुक्त कर राजनीतिक संरक्षण में हो रहे संगठित अपराधों पर अंकुश लगाए।

 

भारतीयों के साथ गलत व्यवहार न हो ये सुनिश्चित किया जा रहा है

Jai Lok
Author: Jai Lok

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