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ट्रकों की धमाचौकड़ी असहाय व्यवस्था पर कलंक बनी ये दर्दनाक मौत, कलेक्टर, निगमायुक्त ने हिम्मत दिखाकर उठाया था कदम, लेकिन अटक गया काम हजारों लोग रोज होते हैं परेशान

जबलपुर (जयलोक)।  बल्देवबाग से पांडे चौक, बड़ी उखरी आगा चौक और दमोह नाका मार्गों पर मौजूद ट्रांसपोर्टरों के कारण रोजाना लाखों हजारों लोगों को परेशानी जाम और दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। आखिर परसों रात को ट्रैकों की धमा चौकड़ी के कारण एक युवक की जान चली गई।
मुख्य बाजार में घटित हुई इस घटना में 35 साल के इस अज्ञात युवक की बेहद ही दर्दनाक मौत हुई है। उसके सर के ऊपर से किसी बड़े भारी वाहन का चका गुजर गया। इसके कारण उसका पूरा सर और चेहरा बुरी तरीके से क्षतिग्रस्त होकर सडक़ पर चिपट गया।
पुलिस रिपोर्ट में हवाला तक नहीं
पुलिस ने चार लाइन का मर्ग रिपोर्ट लिखी जिसमें दुर्घटना होने युवक की मौत हो जाने का हवाला तो दिया गया है लेकिन इस बात पर एक शब्द नहीं लिखा गया कि मौत किस वाहन से हुई।
हालाँकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रहे हैं ताकि दुर्घटना करने वाले वाहन के संबंध में जानकारी मिल सके मृतक की पहचान भी अभी तक नहीं हो पाई है।
इस युवक की मौत और बल्देवबाग से पांडे चौक मुख्य बाजार वाले मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों की रोजाना की परेशानी असहाय व्यवस्था पर कलंक बनी हुई है।

अपने ही जोन को नहीं बचा पा रहे अतिक्रमण से

विगत दिनों जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार निरीक्षण करने के लिए देर शाम नगर निगम के जोन क्रमांक 5 में पहुंचे थे। यहां जोन के सार्वजनिक मैदान में अतिक्रमण की बुरी स्थिति देख और सडक़ों पर ट्रकों के जाम देखकर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने काफी नाराजगी व्यक्ति की थी और तत्काल निगम आयुक्त को पूरे मैदान को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए निर्देशित किया था उनके निर्देश पर अगले ही दिन ताबड़तोड़ तरीके से कार्य शुरू हो गया था लेकिन फिर नेतानगरी का अड़ंगा आ गया और मामला अटक गया। स्थिति वही है नगर निगम अपने ही जोन कार्यालय को अतिक्रमण और जाम से मुक्त नहीं कर पा रहा है।

किसके दबाव में रुकी कार्यवाही

नगर निगम जोन कार्यालय के सभी अधिकारी कर्मचारियों से लेकर इस मुख्य बाजार में आने वाला हर व्यापारी एवं नागरिक यही चाहते हैं कि मुख्य बाजार से ट्रकों की धमा चौकड़ी खत्म हो और मैदान के अतिक्रमण को हटाया जाए। सार्वजनिक हित में लिए गए अब कलेक्टर और आयुक्त के निदेर्शों पर भी अगर अड़ंगे लगने लगेंगे तो शहर विकास और सुचारू यातायात की बात करना बेमानी लगने लगेगा।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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