
जबलपुर (जय लोक)। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों और महिलाओं को वितरित किए जाने वाले पोषण आहार पर भी अब संपन्न लोगों की निगाहें लगी हुई हैं। जिसका ताजा उदाहरण घमापुर में देखने को मिला। यहां एक बंद दुकान से 140 बोरी आंगनबाड़ी का पोषणा आहार पाया गया है। यह आहार आंगनबाड़ी केन्द्र पहुँचना था लेकिन पहुँच गया एक दुकान में। गोपनीय सूचना के आधार पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के संयुक्त दल ने यहां छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई सरकारी कुआं मरघटाई के समीप एक बंद दुकान में की गई। दुकान के बाहर डॉक्टर यादव का बोर्ड लगा था।
जहां सेभारी मात्रा में टेक होम राशन जब्त किया गया है।
बताया जा रहा है कि प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने यहां दबिश दी। यहां दुकान का शटर बंद मिला। अधिकारियों ने दुकान के बाहर लगा ताला तोडक़र अंदर का नजारा देखा तो दंग रह गए। दुकान के अंदर सघन तलाशी लेने पर वहां बड़ी संख्या में राशन के बोरे व्यवस्थित रूप से रखे मिले। मौके पर की गई गणना के अनुसार कुल 140 बोरी सरकारी पोषाहार पाया गया। यह सामग्री मूल रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए वितरित की जानी थी। एक निजी बंद दुकान में इतनी बड़ी मात्रा में सरकारी सामग्री का अवैध भंडारण मिलने से प्रशासनिक अमले के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग में भी हडक़ंप मच गया है।

अब होगी कार्रवाही
आंगनबाड़ी का राशन एक दुकान से मिलना बड़े भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है। शुरुआती पड़ताल में इस पूरे मामले में परिवहनकर्ता की भूमिका को अत्यंत संदिग्ध माना जा रहा है। अधिकारियों को संदेह है कि मुख्य गोदाम से आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचने के रास्ते में ही इस सामग्री को अवैध रूप से मोडक़र निजी दुकान में डंप किया गया था। प्रशासन अब उन कडिय़ों को जोडऩे में जुटा है जिसके माध्यम से यह सरकारी राशन कालाबाजारी के उद्देश्य से यहां तक पहुंचा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए राशन को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच की प्रक्रिया पूर्ण होते ही संबंधित जिम्मेदारों और इस अवैध नेटवर्क में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध थाना घमापुर में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।

ट्रक से उतारा जाता है यहां राशन
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रक में भरकर यहां राशन लाया जाता है और आंगनबाड़ी ना जाकर बंद दुकान में यह राशन उतारा जाता है। दुकान अधिकांश समय बंद रहती है। यह दुकान घमापुर निवासी दीपक यादव की बताई जा रही है। प्रशासन ने कालाबाजारी की आशंका के कारण दुकान को सील कर दिया है। वहीं अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

Author: Jai Lok






