
यूएस की सीक्रेट सर्विस को हमले की नहीं लगी भनक
वॉशिंगटन
बटलर में डोनाल्ड ट्रंप की रैली के दौरान गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें हमलावर सहित दो की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। एक गोली ट्रंप के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को चीरकर निकल गई।
हमलावर की पहचान बेथेल पार्क, पेंसिल्वेनिया के रहने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में हुई है, जो एक 20 वर्षीय युवक था। बेथेल पार्क बटलर से लगभग 40 मील दक्षिण में स्थित है। घटनास्थल से एक एआर-15 सेमी-ऑटोमेटिक राइफल बरामद हुई है। संभवत: इसी हथियार से युवक ने डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रैली को निशाना बनाकर फायरिंग की थी। यूएस सीक्रेट सर्विस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर के सिर में गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया।
अमेरिकी जांच एजेंसियां इस हमले को डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास के रूप में देख रही हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात यूएस सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने हमलावर को मौके पर ही मार गिराया। ट्रंप जिस मंच से भाषण दे रहे थे, बंदूकधारी वहां से करीब 120 मिटर दूर एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की छत पर खड़ा था। उसने वहीं से ट्रंप पर निशाना साधकर गोलीबारी की। डोनाल्ड ट्रंप का ओपन-एयर कैम्पेन बटलर फार्म शो ग्राउंड में आयोजित किया गया था। यह इतना ओपन स्पेस था कि स्नाइपर को निशाना साधने में कोई परेशानी नहीं हुई। वह अपने स्थान से पूर्व राष्ट्रपति को बिना किसी बाधा के देख पाने में सक्षम था। डोनाल्ड ट्रंप जहां खड़े होकर स्पीच दे रहे थे ठीक उसके पीछे एक और स्ट्रक्चर (किसी कंपनी के गोदाम की तरह का) था, जिस पर यूएस सीक्रेट सर्विस की काउंटर-स्नाइपर टीम तैनात थी। हमलावर के गोली चलाते ही काउंटर-स्नाइपर टीम एक्टिव हो गई और करीब 200 मीटर दूर से जवाबी कार्रवाई करते हुए, उसे मार गिराया। जिस इमारत में हमलावर का शव बरामद हुआ, वह एजीआर इंटरनेशनल कंपनी की है। यह कंपनी ग्लास और प्लास्टिक पैकेजिंग इंडस्ट्री के लिए स्वचालित उपकरणों की आपूर्ति करती है।

Author: Jai Lok







