
प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापट्टनम में योग किया-बोले
191 देशों में 1,300 जगह कार्यक्रम
नई दिल्ली/विशाखापट्टनम। दुनियाभर में आज शनिवार को 11वाँ योग दिवस मनाया जा रहा है। पीएममोदी ने विशाखापट्टनम में 3 लाख लोगों और 40 देशों के राजनयिक के साथ योग किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि योग का मतलब होता है- जोडऩा। और ये देखना सुखद है कि कैसे योग ने पूरी दुनिया को जोड़ा है। मोदी ने कहा कि आज जब दुनिया में अशांति, तनाव और अस्थिरता बढ़ रही है, तो योग शांति की दिशा दिखाता है। यह पॉज बटन जैसा। पीएम के साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने भी योग किया। इस बार की योग की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ है। इंडियन काउंसिल फॉर कल्चर रिलेशन्स के मुताबिक, 191 देशों में 1,300 जगहों पर 2,000 से ज्यादा योग कार्यक्रम हुए।

योग करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बना
पीएम मोदी ने कहा- आज योग करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। मुझे गर्व होता है जब मैं देखता हूं कि हमारे दिव्यांग साथी ब्रेल में योग शास्त्र पढ़ते हैं। वैज्ञानिक अंतरिक्ष में योग करते हैं। गांव-गांव में युवा साथी योग ओलिंपियाड में भाग लेते हैं।
योग सभी का है, सभी के लिए है। पीएम ने कहा कि अभी नेवी के जहाज में भी योगा कार्यक्रम चल रहा है। चाहे ओपेरा हाउस की सीढिय़ां हों, या एवरेस्ट की चोटियां, या समुंदर का विस्तार हो एक ही संदेश आता है कि योग सभी का है और सभी के लिए है।

योग उस ‘पॉज बटन’ जैसा जो हमें सांस लेने देता है
पीएमने कहा कि साथियों दुर्भाग्य से दुनिया तनाव, अशांति और अस्थिरता से गुजर रही है। कई क्षेत्रों में यह स्थितियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे समय में योग हमें शांति का रास्ता दिखाता है। योग उस ‘पॉज बटन’ की तरह है जिसकी इंसानियत को जरूरत है- ताकि हम रुक सकें, सांस ले सकें, संतुलन बना सकें और फिर से खुद को पूर्ण महसूस कर सकें।

‘मी टु वी’ का भाव भारत की आत्मा का साथ
पीएमने कहा कि योग को सिर्फ पर्सनल प्रैक्टिस न बनाएं, बल्कि ग्लोबल पार्टनरशिप का माध्यम बनाएं। योग को लोकनीति का हिस्सा बनाएं। जब जनता लक्ष्य को थाम लेती है तो उस लक्ष्य की प्राप्ति से हमें कोई रोक नहीं पाता। आपके प्रयास यहां इस आयोजन में नजर आ रहे हैं। ‘मी टु वी’ का भाव भारत की आत्मा का साथ है।
भारत में योग के प्रचार के लिए साइंस का साथ
पीएमने कहा कि भारत विश्व में योग के प्रसार के लिए योग विज्ञान में आधुनिक रिसर्च को बढ़ावा दे रहा है। हम योग के क्षेत्र में प्रमाण आधारित थेरेपी को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इस दिशा में दिल्ली एआइआइएमएस ने सराहनीय काम किया है। आज ‘हील इन इंडिया’ का मंत्र भी दुनिया में काफी पॉपुलर हो रहा है। भारत बेस डेस्टिनेशन बन रहा है। योग की इसमें बड़ी भूमिका है।
आंध्र प्रदेश ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया
इसी के साथ आंध्र प्रदेश सरकार गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया। प्रोग्राम में 50 लाख से ज्यादा योग प्रमाणपत्र भी बांटे गए। आंध्र प्रदेश सरकार ने भी योग आंध्र अभियान शुरू किया है। इसका मकसद है राज्य में 10 लाख लोगों की रोजाना योग करने वाली कम्युनिटी बनाना है।
Author: Jai Lok







