
सिहोरा (जयलोक)
सिहोरा विकासखंड के अंतर्गत संकुल केन्द्र गोसलपुर के तहत संचालित एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय मुस्कुरा में प्राइमरी विद्यालय के पुराने भवन मे तीन कमरों में आठ कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इन तीन कमरों में पहली से आठवीं तक के अध्यनरत में छ: दर्जन बच्चे बैठकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। इससे अंदाज लगा सकते हैं कि विद्यालय में शिक्षा का स्तर कैसा होगा।कितनी परेशानी भरे माहौल मे शिक्षकों और बच्चों को अध्ययन और अध्यापन कार्य करना व कराना पड़ता होगा। यह सिलसिला पिछले तीन साल से चल रहा है।
शैक्षणिक कार्य हो हा प्रभावित
यहां पर पदस्थ शिक्षकों का कहना है की तीन कमरों में आठ कक्षाओं के 75 बच्चों को बैठाकर पढ़ाई करना बहुत कठिन कार्य है ऐसे में अध्यापन कर बुरी तरह प्रभावित होता है।
शिक्षको ने इसका प्रस्ताव बनाकर शिक्षा विभाग के जिला कार्यालय व जनप्रतिनिधियों को अनेको बार भेज चुके हैं, तीन साल से महज पत्राचार की खानापूर्ति हो रही है परंतु आज तक इन तो कमरों की मरम्मत के लिए किसी भी प्रकार की राशि मंजूर न होने के कारण यह कमरा भी तीन साल से खड़े-खड़े जानलेवा साबित हो रहे हंै।
2010 में बना था भवन
शाला नया भवन निमार्ण 2010 में कराया गया था। घटिया निर्माण के चलते इंजीनियर ने तीन साल पहले ही इस भवन को अनुपयोगी घोषित कर दिया गया था।
एक कमरे की खस्ताहाल स्थिति के चलते संस्था प्रमुख ने इसे डिसमेंटल करा दिया। शेष दो क्षतिग्रस्त कमरों की मरम्मत हेतु तीन साल से प्रस्ताव भेजा जा रहा है, परंतु अभी तक धेला की राशि नही आई। मरम्मत की आस मे खडे ये दोनो कमरे भी धराशायी होने की कगार पर पहुंच गए हैं।

इनका कहना
मुस्कुरा स्कूल में अतिरिक्त कक्ष हेतु प्रस्ताव पूर्व मे जिला मुख्यालय भेजा जा चुका है एवं इसे विजन 2028 की कार्ययोजना मे भी शामिल किया गया है।
ब्रजेश श्रीवास्तव,
बीआरसीसी सिहोरा

मात्र तीन कमरों में 75 बच्चों को बैठाकर पढ़ाई की जा रही है जिससे व्यवधान पैदा होता है। नए भवन व अतिरिक्त कक्ष की मांग का प्रस्ताव पिछले तीन साल से लगातार दिया जा रहा है।
राम मनोहर पटेल,
संस्था प्रमुख
एकीकृत माध्यमिक विद्यालय मुस्कुरा

Author: Jai Lok







