
जबलपुर (जय लोक)
दीवाली का त्यौहार आने में अब महज एक दिन का समय शेष रह गया है। 20 अक्टूबर को दीवाली मनाई जाएगी। इसके पहले शहर से बाहर रहने वाले और दूसरे शहरों से शहर आकर पढ़ाई या नौकरी करने वाले अपने-अपने घरों में जाने की तैयारी कर रहे हैं। जहां एक ओर बसों और टे्रनों में भीड़ चल रही है तो वहीं फ्लाईटस भी फुल हैं। जिसका फायदा एयरलाइंस कंपनियां उठा रहीं हैं। बताया जा रहा है कि दीवाली के मौके पर हर साल की तरह इस साल भी एयरलाइंस कंपनियों ने हवाई किराए में बढ़ोतरी की है। लेकिन इसके बावजूद सभी फ्लाईटस फुल हैं।
जबलपुर से दिल्ली, मुम्बई, बैंगलुरु और हैदराबाद के लिए उड़ाने वर्तमान में संचालित हो रही हैं। दूसरे शहरों से जबलपुर आने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा है। इनमें अधिकांश छात्र और नौकरीपेशा वाले लोग शामिल हैं। लेकिन घर जाने की जल्दी उनकी जेबों पर भारी पड़ रही है।
एयरलाइंस कंपनियों ने हवाई किराए में जिस तरह की बढ़ोतरी की है उससे उन्हें दो से तीन गुना तक अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
हालांकि जिन्होंने पहले बुकिंग कर ली है, वे इस बोझ से बच गये हैं, लेकिन जो बुकिंग नहीं कर पाए, उनके लिए मुश्किल बढ़ी हुई है। जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा फेयर जबलपुर से बैंगलूरु जाने का है। दीपावली के एक दिन बाद का फेयर साढ़े नौ हजार रुपए है, जो दीवाली के त्योहार में 18 से 19 हजार तक पहुंच सकता है।
यानी सीधे 10 हजार रुपए बढऩे की बात कही जा रही है। इसके पीछे का कारण इस रूट पर केवल एक ही विमान का होना है। जानकारों की माने तो यदि किसी रूट पर तीन या उससे अधिक कम्पनियों द्वारा फ्लाइट्स का संचालन किया जाता है, तो तीनों में प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में फ्लायर्स को भी लाभ मिलता है। लेकिन जबलपुर से महज दो ही कम्पनियों द्वारा विमानों का संचालन किया जा रहा है।

Author: Jai Lok







