
पुलिस ने भी की व्यवस्थाएँ, लगाया अतिरिक्त बल
जबलपुर (जयलोक)। नवरात्र पर्व की महासप्तमी के साथ दुर्गा पंडालों में जगमग रोशनी के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ शाम ढलते ही सडक़ों पर उमड़ पड़ी है। नगर पथ पर देर शाम से ही श्रद्धा का सैलाब माता के विविध रुपों के दशज़्न के लिए निकलने लगा है। दुर्गोत्सव में इस बार जहां एक से बढक़र एक झांकियां बनाई गई हैं वहीं माँ जगदंबे के विविध मनोहारी स्वरुपों की मनमोहक प्रतिमाएं भी स्थापित की गई है। कुछ दुर्गोत्सव समितियों ने इतनी सुंदर और नयनाभिराम प्रतिमाएं स्थापित की हैं जो देखते ही बनती हैं। माँ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि की आराधना सोमवार को पूरे श्रद्धा भक्ति भाव से की गई। माँ दुर्गा की यह सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती है। अर्थात् जिसके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। नाम से ही जाहिर है कि इनका रुप भयानक हैं। सिर के बाल बिखरे हुए है और गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। अंधकारमय स्थितियों का विनाश करने वाली शक्ति है कालरात्रि।

माँ महागौरी का हो रहा पूजन
आज मंगलवार को नवरात्र की अष्टमी तिथि है। आज अष्टमी पर माँ भगवती के आठवें स्वरुप महागौरी का पूजन किया किया जा रहा है।
इनका वर्ण पूर्णत: गौर्ण है। इस गौरता की उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से की गई है। इनके वस्त्र, आभूषण श्वेत और चार भुजायें हैं। वाहन वृषभ है। पार्वती रुप में इन्होंने भगवान शिव को पति के रुप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। दुर्गा पूजन के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ एवं फलदायी है। इनके पूजन से भक्तों की मनोकामनायें पूर्ण होती है।

डेढ़ हजार से अधिक दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित
इस बार शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ हजार से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की गई हैं। पंडालों में आकर्षक सजावट और साज सज्जा की गई है। आकर्षक झाकियों ने इस उत्साह हो और बढ़ा दिया है। शाम होते ही दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालु सडक़ों पर देखा जा रहे हैं।

पारंपरिक तरीके से हुआ निर्माण
मूर्तिकारों द्वारा अधिकांश दुर्गा प्रतिमाओं का निर्माण पारंपरिक तरीके से किया गया है। मिट्टी से बनाई जा रही प्रतिमाओं में पारंपरिक रंगों का इस्तेमाल किया गया है ताकि यह प्रतिमाएं विसर्जन के बाद आसानी से पानी में घुल सकें। इसके साथ ही रंगों में कैमिकल ना होने सेे पानी को भी नुकसान नहीं होगा।
नवरात्र पर तैनात है अतिरिक्त बल
नवरात्र और दशहरा चल समारोह में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। जिसमें जिला पुलिस के अलावा एसएएफ, एसटीएफ, क्यूआरएफ, बम स्क्वाड और आरएएफ की आधा दर्जन कंपनियां भी तैनात हैं। सुरक्षा के लिए 5 एएसपी, 16 डीएसपी, सभी थनों के थाना प्रभारी और सवा हजार से अधिक पुलिसकर्मी दिन-रात ड्यूटी पर हैं।
होगा दर्जनों रावणों का दहन
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक रावण दहन के कार्यक्रम होंगे। जिनमें खास पंजाबी हिंदू एसोसिएशन, गोविंदगंज, रांझी, गोकलपुर, गढ़ा, अधारताल, गोरखपुर, पुरवा, खमरिया आदि क्षेत्रों में समितियों ने रावण दहन का आयोजन किया है।
आकर्षक झांकियाँ
नवजागृति दुर्गा उत्सव समिति पारिजात बिल्डिंग के पीछे आकर्षक झांकी सजाई गई है। स्टेट बैंक कालोनी में मां वैष्णो देवी गुफा, यादव कालोनी में द हॉरर ट्रेन, सदर में डिज्नी लैंड, गौतम मढिय़ा में ऑपरेशन सिंदूर, संजीवनीनगर में वृंदावन का प्रेम मंदिर, सिविल लाईन में फ्लाईओवर, शक्तिनगर मन्नत वाली काली में बद्रीनाथ धाम, शीला टॉकिज के सामने कष्ट भजन हनुमान मंदिर, मदनमहल स्टेशन में 108 चेहरे वाली मॉ भवानी की स्थापना की गई हैं। इसी तरह गोराबाजार में नेपाल के श्रीकृष्ण मंदिर की झांकी सजाई गई है। शक्तिनगर पुष्पाजंलि ग्राउंड में नौदेवियों की झांकिया सजाई गई है। शारदा चौक पीली बिल्डिंग के पास 24 फुट की मां दुर्गा जी प्रतिमा स्थापित की गई है। माँ भगवती के विभिन्न स्वरुपों वाली देवी प्रतिमाओं तथा ऐतिहासिक देश विदेश की अनुकृतियों के कारण संस्कारधानी जबलपुर का दुर्गोत्सव पूरे प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। माँ भगवती की प्रतिमाओं के दर्शनार्थ और दुर्गा पंडालों की साज-सज्जा, झांकियों को देखने शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचते है।
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Author: Jai Lok







