
जबलपुर (जयलोक)।नगर निगम ने लंबे अरसे से बनने वाली विरोधाभासी स्थिति को समाप्त करते हुए स्पष्ट नीति अपनाई है। इसके अंतर्गत अब नगर निगम के बाजार विभाग की ओर से मालवीय चौक से कोतवाली रोड पर सडक़ पर व्यापार करने वाले ठेले, टपरे और फुटपाथ पर व्यापार करने वालों से बैठकी शुल्क वसूल करना बंद कर दिया गया है। लगभग तीन-चार माह से नगर निगम मालवीय चौक से कोतवाली मार्ग एवं विजय नगर मुख्य मार्ग पर लगने वाली चौपाटी के दुकानदारों से बैठकी शुल्क नहीं ले रहा है। संदेश स्पष्ट है कि अब यहां पर जबरदस्ती सडक़ पर व्यापार करने वालों को अतिक्रमण माना जाएगा और निगम प्रशासन नियमों के अनुरूप ही उन्हें हटाने का कार्य करेगा। जल्द ही यहां विकास कार्य के लिए बड़े बदलाव नजर आयेंगे।
नगर निगम के बाजार विभाग की यह बड़ी सफलता है कि इस बैठकी शुल्क को बंद करने के बाद भी निगम के राजस्व में इस मद से आने वाली राशि में कोई विशेष अंतर नहीं पड़ा है। इसकी मुख्य वजह यह बताई जा रही है कि जो अन्य बाजार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं वहां पर अस्थाई व्यापारियों से लिए जाने वाला बैठकी शुल्क नियमित रूप से वसूल किया जा रहा है। जिसके कारण बैठकी शुल्क वसूली राशि के आंकड़े में नुकसान की स्थिति नहीं हैं। बैठकी शुल्क वसूल करने वाले बाजारों में आने वाले छोटे व्यापारियों की संख्या समय समय पर बढ़ती घटती रहती है। यही कारण है कि बैठकी शुल्क की वसूली में बड़ा अंतर नजर नहीं आ रहा है।
कई गोदामों के लायसेंस हुए निरस्त- निगमायुक्त के निर्देश पर बाजार विभाग इन दिनों एक और मामले में सख्ती से कार्रवाही कर रहा है। जिसके तहत अभी तक लगभग आधा दर्जन ऐसे गोदामों, भवनों के लायसेंस निरस्त किए गए हैं जो कि ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण की नियमावली को पूरा नहीं कर रहे हैं। आयुक्त श्री अहिरवार के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी ऐसे कार्य के लिए गोदाम, भवन, बाजार को लायसेंस ना दिया जाए जिस कार्य से जान माल की हानि होने की संभावना हो।

पिछले वर्ष से अधिक वसूली करेगा नगर निगम का बाजार विभाग, दस करोड़ का लक्ष्य
(जयलोक)। नगर निगम का बाजार विभाग लगातार नवाचार कर करदाताओं को पूर्व से और अधिक सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है। महापौर श्री जगतबहादुर सिंह अन्नू एवं आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देश पर विगत कुछ महीनों से बाजार अधीक्षक राजेन्द्र दुबे लगातार करदाताओं की सुविधाओं और आने वाली शिकायतों के त्वरित निराकरण पर ध्यान केन्द्रित कर कार्य कर रहे हैं। बाजार विभाग लगातार अपने वसूली कार्य पर भी विशेष रूप से ध्यान रख रहा है। इस वर्ष नगर निगम का बाजार विभाग दस करोड़ रूपये वसूली का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य कर रहा है। विगत वर्ष वसूली का यह आंकड़ा 8 करोड़ था। इस वर्ष यह आंकड़ा बढऩे की पूरी उम्मीद की जा रही है। वर्तमान समय में चार करोड़ रूपये से अधिक की राशि वसूल की जा चुकी है और इससे अधिक राशि 31 मार्च से पहले वसूल कर ली जाएगी।

इनका कहना है
महापौर एवं आयुक्त के निदेर्शों पर उनके नेतृत्व में बाजार विभाग लगातार शहर के करदाताओं को एवं व्यापारी वर्ग को सुविधा उपलब्ध करा रहा है। बाजार विभाग ने अधिकारियों के निर्देश पर हुए नवाचारों से आम नागरिकों को राहत मिल रही है। कर एवं किराए के वसूली कार्य में भी गति आई है। हमारा अनुमान है कि पिछले वर्ष से अधिक धनराशि की वसूली का लक्ष्य पूर्ण होगा।
राजेन्द्र दुबे,
बाजार अधीक्षक

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Author: Jai Lok






