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दो माह में दो करोड़ से अधिक का राशन घोटाला, गरीबों को मिलने वाले राशन पर 33 लोगों ने डाला डाका

जबलपुर (जयलोक)। सरकारी राशन को लेकर एक बड़ा घपला उजागर हुआ है। इस घपले में दो माह में दो करोड़ 20 लाख रूपये से अधिक के राशन में घपलेबाजी की गई है। इस मामले की रिपोर्ट संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के द्वारा क्राइम ब्रांच थाने में दर्ज कराई गई है। यह गोलमाल गोरखपुर, और गोहलपुर के सहकारी भंडार के द्वारा किया गया है। जिसमें 11 राशन दुकान के 29 संचालकों और 4 शासकीय सेवक सहित 33 व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।

संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के द्वारा स्वयं क्राइम ब्रांच में उपस्थित होकर थाना प्रभारी अपराध शाखा जिला जबलपुर के नाम कार्यालय कलेक्टर (खाद्य शाखा जिला जबलपुर के) पत्र क्रमांक 1019/1025 दिनांक 4 सितम्बर 2025 के द्वारा आरोपीगण अनुविभाग गोरखपुर एवं अनुभाग गोहलपुर उपभोक्ता सहकारी भंडार के अध्यक्ष, विक्रेता, सहा.विके्रता, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट के द्वारा 31 अगस्त 2022 से 31 अक्टूबर 2022 के दरमियान शासकीय उचित मूल्य दुकानों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के स्टॉक को वास्तविक हितग्राहियों को वितरण करने के बजाय दो करोड़ 20 लाख 12 हजार 460 रूपये मूल्य के स्टॉक की अपरातफरी कर धोखाधड़ी करने और पीओएस मशीन/पोर्टल से अवैधानिक रूप से स्टॉक घटाने के अपराधिक कृत्य के लिए प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए टाइपशुदा आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया।

संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के द्वारा जो आवेदन क्राइम ब्रांच में दिया गया है उसमें धारा 420 आवश्यक वस्तु अधिनियम 66 डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम का अपराध पाए जाने पर आरोपी आकाश नेचलानी एवं अन्य 32 नामजद के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। शिकायत में बताया गया कि स्टॉक की मात्रा को पीओएस मशीन एवं पोर्टल से अवैधानिक रूप से घटाने के लाभग्रहिता राशन दुकानों के संचालक हैं, लेकिन शासकीय पोर्टल और जबलपुर नगर क्षेत्र के लिए उपयोग किए जा रहे आईपी एड्रेस पर राशन दुकान के संचालक का एक्सेस नहीं है। शासकीय पोर्टल और आईपी एड्रेस पर एक्सेस केवल कतिपय शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तक सीमित है।

अत: स्टॉक की हेराफेरी की गई मात्रा को पीओएस मशीन एवं पोर्टल से अवैधानिक रूप से घटाने का कृत्य उन शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा ही किया जाना संभव है, जिनके द्वारा पूर्व में उक्त आईपी एड्रेस को एक्सेस किए जाने की हिस्ट्री रही है।

अत: प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि उक्त चारों शासकीय सेवकों ने अनुचित लाभ अर्जित करने की दुर्भावना के साथ मिलीभगत कर स्टॉक की गड़बड़ी की गई मात्रा को पीओएस मशीन एवं पोर्टल से अवैधानिक रूप से घटाने का कृत्य किया है। जिसमें 33 राशन दुकान संचालकों एवं सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध थाना क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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