
जबलपुर (जय लोक)। नगर निगम जबलपुर ने शहर के ट्रांसपोर्टरों को व्यवस्थित रूप से बसाने के लिए चंडालभाटा में ट्रांसपोर्ट नगर बसाया हुआ है। यहां पर ट्रांसपोर्टरों के लिए 572 प्लॉट भी बनाए गए। लेकिन आश्यर्चजनक बात यह है कि नगर निगम के अपने मार्केट में संचालित ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर नहीं भेजा गया। नगर निगम के तीन मार्केटों में ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कब्जा है।
बल्देवबाग क्षेत्र में ही नगर निगम के तीन मार्केट हैं जिनमें आज भी ट्रांसपोर्टर अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। नगर निगम के संजय गांधी मार्केट संभाग क्रमांक पाँच के नीचे बनी दुकानों में आज भी ट्रांसपोर्टर अपना कारोबार कर रहे हैं। ये ट्रांसपोर्टर यातायात में सबसे ज्यादा बाधा भी उत्पन्न कर रहे हैं। संजय गाँधी मार्केट में संचालित ट्रांसपोर्टरों के कारोबार की बदहाली को खुद कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह तथा नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार देख चुके हैं।

इन दोनों ही अधिकारियों ने यहां के कारोबारियों पर भारी जुर्माना भी लगवाया था साथ ही संभागीय कार्यालय के मैदान में जालियाँ लगाने के निर्देश भी दिए थे। दूसरे दिन जालियाँ लगाने के लिए काम भी शुरू हो गया था लेकिन प्रभावशाली ट्रांसपोर्टरों ने नगर निगम के काम को ही रूकवा दिया। अब संभागीय कार्यालय के मैदान में पूरी तरह से ट्रांसपोर्टरों का कब्जा है। संभागीय कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को अपने ही परिसर में पार्किंग की सुविधा नहीं है वहीं कार्यालय मेंं आने वाले नागरिकों को भी पार्किंग की किसी तरह की सुविधा नहीं हैं।
बल्देवबाग में ही नगर निगम का संभागीय कार्यालय के सामने ही एक बड़ा मार्केट बना हुआ है। इस मार्केट में भी ट्रांसपोर्टर बड़ी संख्या में अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। यहां के ट्रांसपोर्टर अपने ट्रकों को इसी मार्केट में ही पार्क भी करते हैं। बल्देवबाग के समीप पत्रकार भवन के बाजू में भी नगर निगम की दुकानें हैं इन सभी दुकानों में सिर्फ ट्रांसपोर्टर ही काबिज हैं। लेकिन नगर निगम ने अपने ही तीनों मार्केट से ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर भेजने की जरूरत नहीं समझी।

कई ट्रांसपोर्टरों के ट्रांसपोर्ट नगर में भी हैं प्लॉट
नगर निगम के तीन मार्केटों में जो ट्रांसपोर्टर अपना कारोबार कर रहे हैं उनमें से कुछ के पास ट्रांसपोर्ट नगर में भी प्लॉट हैं। ऐसे प्लॉटधारी ट्रांसपोर्टर आज भी नगर निगम की दुकानों से ही अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। ऐसे ट्रांसपोर्टरों को नगर निगम ट्रांसपोर्ट नगर में भेजने में कोई रूचि नहीं ले रही है।

आगा चौक से लेकर दमोहनाका तक ट्रकों की पार्किंग
ट्रांसपोर्टरों के कारोबारी अपनी मनमानी पर किस तरह से उतारू हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आगा चौक से लेकर बल्देवबाग के बीच और बल्देवबाग से लेकर दमोहनाका तक मुख्य मार्ग के किनारे ही लाइन लगाकर अपने ट्रकों को पार्क कर रहे हैं और ये ट्रक दिनभर यहां खड़े रहते हैं। यातायात पुलिस भी सडक़ों पर ट्रकों की पार्किंग करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाही करने की जरूरत नहीं समझती है।
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Author: Jai Lok







