
मंत्रिमंडल का दबाव कम करने निगम मंडल में दावेदारों को दी जा सकती है जगह
जबलपुर (जयलोक)। लंबे समय से मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल के विस्तार, फेरबदल और निगम मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा है। अब यह संभावना इसलिए भी प्रबल हुई हैं कि भाजपा के बहुत से कद्दावर नेता है जो मंत्रिमंडल में स्थान बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं जो दबाव बना सकते हैं वो दबाव निर्मित करने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्रिमंडल विस्तार के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए संगठन निगम मंडल में ऐसे दावेदारों को जगह दे सकता है। हालंाकि मौजूदा समय में निगम मंडल में नियुक्तियाँ होने पर काम करने के लिए ज्यादा समय प्रतिनिधियों को नहीं मिलेगा। बस पद पाने की लालसा पूरी हो जाएगी।
ऐसे वैसे तो मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल कई बार खुद यह संकेत दे चुके हैं कि प्रदेश में बहुत शीघ्र ही राजनीतिक नियुक्तियाँ की जाएंगी। लेकिन अभी तक इन नियुक्तियों को लेकर इंतजार ही किया जा रहा है। अब यह उम्मीद की जा रही है कि इस नवरात्रि के पर्व के दौरान मंत्रिमंडल में फेरबदल और निगम मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां हो सकती हैं।

मंत्रिमंडल के फेर बदल को लेकर लगातार यह अटकलें लग रही हैं कि मंत्रिमंडल में तीन से चार नए मंत्रियों को मौका मिल सकता है। वहीं कुछ मंत्रियों को हटाए जाने की अटकलें भी लगातार लगाई जा रही हैं। यदि मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है तो क्या महाकौशल भी से प्रभावित होगा इसको लेकर भी अनुमानों के घोड़े दौड़ाये जा रहे हैं। महाकौशल से अभी जबलपुर से राकेश सिंह मंत्री हैं। वहीं समीपी जिले नरसिंहपुर से प्रहलाद सिंह पटेल और राव उदय प्रताप सिंह मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और तीनों ही कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं।

निगम मंडलों में नियुक्तियों की गहमागहमी
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित निगम और मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सबसे ज्यादा हलचल मची हुई है। इन नियुक्तियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दिल्ली जाकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से कई बार मंत्रणा कर चुके हैं। भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल कई बार यह कह चुके हैं कि नियुक्तियों को लेकर उन्होंने अपना काम कर दिया है। सूचियाँ तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को अनुमोदन के लिए भेज दी गई हैं। जैसे ही सूचियाँ मंजूर होंगी नामों की घोषणा कर दी जाएगी।

निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि 2023 में बहुत से विधायक ऐसे रहे जो मंत्री नहीं बन सके उन्हें अब निगम मंडलों में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है और उन्हें अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वहीं भाजपा के ऐसे भी नेता हैं जो कि विधानसभा के चुनाव में हार गए थे लेकिन इनकी गिनती प्रभावी नेताओं में होती है। ऐसे हारे हुए भाजपा के नेताओं को भी निगम मंडलों में अध्यक्ष बनाया जा सकता है। भाजपा में बड़े प्रदेश के दिग्गज नेताओं का एक ऐसा वर्ग भी है जिसे ना तो विधानसभा चुनाव लड़ाया गया और ना ही उन्हें संगठन में जगह दी गई। ऐसे लोगों को भी निगम मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियां दी जा सकती हैं। निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर प्रदेश में क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा जाएगा ताकि सभी क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल सके? वहीं जातीय समीकरणों को भी निगम मंडलों में नियुक्ति के समय साधा जाएगा ताकि जातिय संतुलन भी बना रहे। अब जब 3 वर्ष बाद विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं ऐसे समय में अब इन राजनीतिक नियुक्तियों का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है अब यह देखना है कि यह नियुक्तियां कब होंगी।
संजय पाठक भी मंत्री पद की जद्दोजहद में
(जय लोक)। लंबे अरसे से किसी ना किसी विवाद में चर्चित कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा के अरबपति विधायक संजय पाठक भी मंत्रीपद पाने की जद्दोजहद में शामिल बताए जा रहे हैं। भोपाल भाजपा मुख्यालय से लेकर जबलपुर कटनी तक के भाजपा नेताओं के बीच में इस बात की चर्चा आम है। हाल ही में अपनी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संजय पाठक ने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव एवं मंत्रियों को बुलाकर शक्ति प्रदर्शन की तर्ज पर कार्यक्रम किया था। इस कार्यक्रम के बाद से ही यह अटकलें तेज हो गईं थीं कि संजय पाठक मंत्रीमंडल में शामिल होने की राजनैतिक बिसात को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि आदिवासियों की हजारों एकड़ जमीन खरीदने के मामले में, हाईकोर्ट के न्यायाधीश से लंबित प्रकरण के संबंध में सीधे संपर्क करने के मामले में वे गंभीर आरोपों से घिरे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार आर्थिक रूप से सक्षम संपन्न विधायक संजय पाठक हर प्रकार से मंत्री पद पाने का प्रयास कर रहे हैं हालांकि विधायक पाठक की तरफ से या उनके समर्थकों ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है लेकिन अंदरुनी प्रयासों की चर्चाएं सरगर्म हैं।
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Author: Jai Lok






