
जबलपुर (जयलोक)। शहर में स्थित रेलवे स्टेडियम के सामने बने एक व्यवसायिक परिसर में हाल फिलहाल में ही दो बड़े व्यापारिक चैन की फ्रेंचाइजी का शुभारंभ हुआ है। जिसके बाद यहां भीड़ बढऩे लगी और आये दिन पार्किंग की समस्या शुरू हुई तो नगर निगम अतिक्रमण विभाग की टीम कार्रवाई करने पहुँच गई। इसी दौरान महापौर भी अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ बीकानेर वाला रेस्टोरेंट में खरीदारी करने पहुंचे। निगम अमले द्वारा की जा रही कार्यवाही को देखते हुए उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। व्यापारी के पक्ष भी उनके समक्ष आए और व्यापारियों ने जो कागजों की कमीबेशी है और पार्किंग को व्यवस्थित करने के लिए कुछ समय की मोहलत मांगी।
महापौर ने मौके पर मौजूद निगम के अधिकारियों से नियम अनुसार कार्यवाही करने की बात कही और यह कहा कि नगर निगम आयुक्त से व्यापारियों के आग्रह और समय मांगने की मांग को रखते हुए नियमानुसार अनुमति ली जाए। अगर व्यापारियों को 15 दिन की समय मोहलत दी जा सकती हो तो दी जाए ताकि वह फायर एनओसी एवं पार्किंग से संबंधित जो भी विषय हैं उन्हें ठीक कर लें।
समय अवधि के बाद भी अगर सुधार नहीं होता है तो नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता कार्यवाही के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है। नेचुरल आइस क्र्रीम, बरीस्ता कॉफी और बीकानेर वाला के नाम से संचालित इन दोनों बड़े प्रतिष्ठानों के खुल जाने से यहां पर आने वाले ग्राहकों की भीड़ भी एकाएक बढ़ी है। यह व्यावसायिक परिसर बिल्डर शंकर मनछानी का बताया जा रहा है।
महापौर अन्नू ने कहा कि हम जब रेस्टोरेंट में पहुंचे तो वहां नगर निगम का दस्ता पहले से ही कार्यवाही कर रहा था। नगर निगम के नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और नियम सबके लिए एक जैसे हैं।

कार्यवाही रोकने जैसी कोई बात नहीं है। नगर निगम की ओर से शहर की सडक़ों पर ठेला लगाकर व्यापार करने वाले लोगों को भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए समय अवधि और मोहलत दी जाती है और जब कोई नहीं मानता तब फिर नियम अनुसार सख्त कार्रवाई की जाती है।
कार्यवाही कर रही टीम को यह कहा गया कि वह आयुक्त से अनुमति लेकर नियम अनुसार कार्यवाही करें और सुधार करने के लिए अगर समय दिए जाना उचित लगता है तो समय दिया जाए।
महापौर का कहना है कि नगर निगम के नियमों का पालन करवाना भी हमारी जिम्मेदारी है तो शहर के व्यापारियों को सुविधा, सहायता प्रदान करना भी नगर निगम की जिम्मेदारी है वो भी निगम के करदाता हैं। नियम कायदे सबसे ऊपर है और सबके लिए बराबर हैं इसका पालन हर किसी को, हर हाल में करना होगा।

3628 लोगों का रेस्क्यू, 28.49 करोड़ की राहत राशि बांटी, अतिवृष्टि से हर प्रभावित के साथ सरकार
Author: Jai Lok







