
नई दिल्ली (जयलोक)। श्रीमती नीता एम. अंबानी, रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष, को सोमवार को यहां कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज केआईएसएस परिसर में प्रतिष्ठित केआईएसएस ह्यूमनिटेरियन अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार श्रीलंका के नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रो. मोहन मुनेसिंघे द्वारा प्रस्तुत किया गया, केआईआईटी केआईएसएस और केआईएमएस के संस्थापक डॉ. अच्युत समंत की उपस्थिति में। संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही बड़ी संख्या में छात्र और गण्यमान्य व्यक्ति, इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
इस पुरस्कार ने श्रीमती अंबानी की उत्कृष्ट मानवीय पहलों और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण परिवर्तन, महिलाओं को सशक्त बनाने और रिलायंस फाउंडेशन के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने के जरिए सामाजिक विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी। अपने स्वीकारोक्ति भाषण में श्रीमती अंबानी ने कहा कि डॉ. समंता ने शिक्षा के दो आधुनिक मंदिरों — केआईआईटी और केआईएसएस का निर्माण किया है। ये दोनों संस्थान हमारे देश के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रतिष्ठित के आईएसएस ह्यूमैनिटेरियन अवार्ड प्राप्त करने पर गर्व महसूस होता है और जो सम्मान उन्हें मिला है, वह केवल उनका नहीं है, बल्कि रिलायंस फाउंडेशन की पूरी टीम का है।
केआईएसएस के 40,000 छात्रों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, मैं यहाँ आपके द्वारा दिए गए प्रेम और स्नेह को कभी नहीं भूलूंगी। उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए दो अद्वितीय संस्थानों, केआईआईटी और केआईएसएस का दौरा करना वास्तव में एक विशेष अवसर था। वित्र भूमि में आने के लिए भावविभोर थी। उसने यह भी जोड़ा कि ओडिशा की एक समृद्ध संस्कृति, परंपराएँ और मूल्य हैं, और ओडिशा के लोग प्रकृति के साथ एक गहरा और मजबूत संबंध साझा करते हैं।
Author: Jai Lok







