
जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम में कांग्रेस पार्षद विपक्ष की भूमिका में है और नेता प्रतिपक्ष का फर्ज है कि वह गलत कर रहे लोगों पर चाहे वो सफाई व्यवस्था से लेकर सडक़ निर्माण कार्य या फिर कचरा उठाने तक का कार्य कर रहा हो को दुरुस्त करने के लिए ऐसे लोगों पर दबाव डालकर व्यवस्थाओं को सही करवाये। लेकिन यहां तो उल्टा ही मापदंड और दोहरे आयाम देखने को मिल रहे हैं। सवाल उठा है कि सफाई ठेका चला रही कंपनी को क्या उपकृत करने के चक्कर में नेता प्रतिपक्ष ने संतुष्टि प्रमाण पत्र तो जारी किया लेकिन अब यह विवाद का विषय बन गया है।

यह संतुष्टि प्रमाण पत्र नेता प्रतिपक्ष द्वारा अल्ट्रा क्लीन एंड केयर सर्विसेज के नाम पर जारी किया गया कि उनके द्वारा सफाई कर्मचारी लगाकर कराया गया सफाई कार्य संतोषजनक रहा है। अब यही अल्ट्रा केयर कंपनी नेता प्रतिपक्ष के सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड जिसमें 80 प्रतिशत तबका उच्च वर्ग और व्यापारियों का है, नौकरी पेशा लोगों का है। इस वार्ड में नाली साफ करना, सडक़ों पर झाडू लगाना और सडक़ों पर एकत्रित कचरे को उठाना और डोर टू डोर व्यवस्था में लगने वाले हेल्पर भी इसी कंपनी के काम कर रहे हैं। सफाई कार्य के अंतर्गत आने वाले सभी कार्य यही कंपनी नेता प्रतिपक्ष के वार्ड में कर रही है।

अब नेता प्रतिपक्ष ने पिछले महीने 7 अक्टूबर 2025 को उक्त कंपनी के नाम से जारी संतुष्टि पत्र में साफ -साफ लिखा है कि उक्त कंपनी द्वारा सफाई कर्मचारी लगाकर कराया गया सफाई कार्य संतोषजनक रहा है। सामान्य व्यक्ति सफाई कार्य में हर चीजों को गिनता है जिसमें नाली सफाई से लेकर कचरा उठाने और उसके परिवहन तक का कार्य शामिल है। नेता प्रतिपक्ष जो कि पूर्व में एमआईसी के स्वास्थ्य प्रभारी भी रहे चुके हैं अगर जब सफाई कार्य से पूर्णत: संतुष्ट नहीं है तो फिर अपने द्वारा दिए गए संतुष्टि पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख कर देते कि यह संतुष्टि पत्र केवल नाली सफाई और सडक़ पर झाड़ू लगने का दिया जा रहा है डोर टू डोर और कचरा उठाने का नहीं दिया जा रहा।

नेता प्रतिपक्ष विपक्ष का नेता होता है और इनका काम है कि शहर के हित में कार्य में करने वाली कंपनियों को सफाई ठेकेदारों को हर प्रकार से दबाव डालकर शहर हित में कार्य करवाना। अल्ट्रासेट केयर कंपनी शहर के कई वार्डों में कार्य कर रही है। यानी इस प्रकार की अनियमिताएं ठेकेदार कंपनी की कई जगह होंगीं। यह कंपनी जब नेता प्रतिपक्ष के वार्ड में गफलत कर सकती है तो अन्य सामान्य पार्षदों के वार्ड में क्या कर रही होगी? नेता प्रतिपक्ष ने सफाई ठेकेदार कंपनी को संतुष्टि प्रमाण पत्र देकर उपकृत करने के बजाय अगर इस पत्र को देने के बदले अन्य सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था पूर्णता दुरुस्त करने की माँग कर दबाव बनाया होता तो शायद यह विषय जनता के बीच में चर्चा में नहीं आता। किसको लाभ लेना है किसको लाभ पहुंचाना है यह राजनीतिक लोगों को भली-भांति मालूम होता है।
60 सफाई कर्मी की नियमित हाजरी की हो जाँच
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार नेता प्रतिपक्ष के सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड में 60 सफाई कर्मचारी और 8 कचरा संग्रहित करने वाले वाहन लगे हुए हैं। शहर के 79 वार्डों में किसी भी कांग्रेस और भाजपा के पार्षद को उनके वार्ड के लिए इतनी बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और वाहन नहीं मिले हैं। अगर इतने अधिक सफाई कर्मचारी होने के बावजूद नेता प्रतिपक्ष के वार्ड में सफाई नहीं हो रही है तो यह बड़ी शर्म की बात है और स्पष्ट है कि इस वार्ड में हाजिरी का खेल हो रहा है और सफाई ठेकेदार गड़बड़ कर रहा है। पिछले कुछ महीने में प्रतिदिन 60 सफाई कर्मचारियों की हाजिरी कैसे लगी है किस प्रकार से लगी है इस बात की पूरी जाँच होगी तो ठेकेदार की बदमाशी पकड़ जाएगी।
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Author: Jai Lok







