
भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी
नई दिल्ली (जयलोक)। नेपाल में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। राजधानी काठमांडू सहित कई इलाकों में पथराव, आगजनी और झड़पों की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन हालात के कारण सैकड़ों भारतीय और विदेशी पर्यटक वहां फंसे हुए हैं। फंसे हुए भारतीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। दूतावास ने उन्हें अपने होटलों या सुरक्षित स्थानों में ही रुकने की सलाह दी है। एक पर्यटक ने कहा ?कि हमने यहां से निकलने के लिए दूतावास से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने हमें होटल में ही रहने को कहा है। यहां स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और हम बेहद डरे हुए हैं। एक अन्य नागरिक ने बताया कि वे 8 सितंबर को नेपाल घूमने आए थे, लेकिन उनके पहुंचने के बाद ही कर्फ्यू लगा दिया गया। अब खाने-पीने की भी समस्या हो रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की झड़प में अब तक कम से कम 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। भारत सरकार ने नागरिकों से नेपाल की यात्रा फिलहाल स्थगित करने और जो पहले से वहां हैं, उन्हें घरों में ही रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
भारतीय सीमा पर पहुंची नेपाल हिंसा की आंच, कांग्रेस दफ्तर में तोड़-फोड़
पड़ोसी देश नेपाल में हो रही हिंसा की आंच भारतीय सीमा पर पहुंच गई है। बुधवार को यहां झूलाघाट और धारचूला से लगे नेपाली क्षेत्र दार्चुला और बैतड़ी में भी विरोध-प्रदर्शन हुआ। दार्चुला में प्रदर्शकारियों ने कांग्रेस और एमाले कार्यालय में तोडफ़ोड़ की। आगजनी की घटना भी देखने को मिली। इसके बाद तनाव गहरा गया है। झूलाघाट अंतरराष्ट्रीय पुल से करीब 25 किमी दूर बैतड़ी के साहिलेक बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। यहां के युवाओं ने सोशल मीडिया पर लगाई गई रोक के विरोध में प्रदर्शन किया।
Author: Jai Lok







