
गरीब नवाज कमेटी की मदद से हुआ अंतिम संस्कार
जबलपुर (जयलोक)
गरीबी की मार झेल रहे एक मजदूर पर उस वक्त पहाड़ टूट पड़ा जब इलाज के दौरान उसकी पत्नी की मौत हो गई। पेशे से मजदूर पति के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वह अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार कर सके। पत्नी की मौत की खबर मिलते ही पति अस्पताल से बाहर आ गया। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने सोचा कि युवक अपनी पत्नी का शव छोडक़र भाग गया है। लेकिन जब अस्पताल के बाहर आकर देखा गया तो पता चला कि युवक पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए भीख मांग रहा था। उसकी इस दशा को देख कई लोगों को उस पर तरस आया और इसकी जानकारी गरीब नवाज कमेटी को दी।
मामला शहर के जिला अस्पताल का है। यहाँ ग्रामीण क्षेत्र से मजदूरी करने आए एक युवक की पत्नी की कई दिनों से तबियत खराब चल रही थी। पीडि़त युवक का नाम राजकुमार है, उसकी पत्नी द्रोपती बाई को उल्टी दस्त की शिकायत थी। जिसका इलाज कराने राजकुमार विक्टोरिया अस्पताल पहुँचा। लेकिन आज सुबह उसकी पत्नी की मौत हो गई। यह सुनकर राजकुमार फूट-फूटकर रोने लगा, राजकुमार का कहना है कि उसका शहर में कोई रिश्तेदार नहीं है जो उसकी मदद कर सके। ऐसे में राजकुमार को अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार की चिंता भी सता रही थी। ऐसे में राजकुमार अपनी पत्नी का शव अस्पताल में छोडक़र अस्पताल के बाहर आंखों में आंसू लिए पत्नी के अंतिम संस्कार कि लिए भीख मांगने लगा। राजकुमार को इस हालत में देख कुछ लोगों ने उसे गरीब नवाज कमेटी की जानकारी दी और गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों को इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद गरीब

Author: Jai Lok







