
जबलपुर (जयलोक)। जिले में नर्मदा, परियट, गौर, हिरन सहित कई पहाड़ी नदियां और उनसे जुड़े पिकनिक स्पॉट हैं, जो बारिश में पर्यटन हब बन जाते हैं। इसके साथ ही जिले में कई नहरें भी हैं यहां शहर भर से लोग कुछ समय बिताने के लिए परिवार और दोस्तों के साथ यहां पहुँचते हैं। लेकिन ये पिकनिक स्पॉट बारिश के सीजन में काफी खतरनाक हो जाते हैं। हर साल अप्रैल से लेकर अगस्त के बीच में बड़ी संख्या में लोग यहां जाते हैं। इस अवधि में बड़ी संख्या में नहरों और नदियों में लोगों के डूबने के हादसे लगातार होते रहते हैं। इन हादसों की वजह यह भी है कि यहां जाने वाले लोग ज्यादातर अपनी लापरवाही के शिकार हो जाते हैं। इन खतरनाक स्थलों के होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने नदियों के घाटों या नहरों के खतरनाक प्वाइंट पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए हैं। इसका नतीजा यह है कि कभी सेल्फी जानलेवा साबित होती है, तो कभी नहाना और कभी पानी में मस्ती करना भारी पड़ जाता है।
जिले में गर्मी शुरू होते ही पर्यटकों का इन स्थलों पर पहुँचना शुरू हो जाता है जो बारिश के सीजन तक जारी रहता है। इसमें बड़ी संख्या में किशोर एवं कम उम्र वाले युवक होते हैं। जो पानी में नहाने के दौरान हलकी सी गलती करके अपनी जन गवा देते हैं। इनमें अधिकांश लोग तैराकी में प्रशिक्षित नहीं होने के बाद भी गहरे पानी में उतर जाते हैं। थानेवार खतरनाक स्थलों की जानकारी होने के बाद भी वहां से कोई ड्यूटी प्वाइंट निर्धारित नहीं किया जाता है। इतना ही नहीं यहां चेतावनी बोर्ड भी देखने को नहीं मिलते जिसकी वजह से युवा अपनी जान गवा रहे हैं।

यहां बने जोखिम भरे पिकनिक स्पॉट
बरगी डैम, पायली, भेड़ाघाट, न्यू भेड़ाघाट, लम्हेटाघाट, गोबच्छाघाट, तिलवाराघाट, ग्वारीघाट, खारीघाट, बगदरी फॉल, टेमर फॉल, परियट जलाशय, गौर नदी, खंदारी, सुहार, हिरन नदी के तटों पर लोग पिकनिक मनाने जाते हैं। यहां हर साल कहीं ना कहीं पानी में डूबने की घटनाएं घटती रहती हैं।

ये बने हादसों का कारण
पिकनिक स्पॉट पर सेल्फी लेते हुए गहरे पानी या चट्टानों में फिसलना, पानी में उँचाई से छलांग लगाना, तैराकी न आने पर भी गहराई में जाना, बारिश के चलते अचानक बहाव का बढ़ जाना प्रमुख वजह मानी जाती है।

निदान वॉटर फॉल में डूबा था युवक
इसी तरह की एक घटना पिछले दिनों निदान वॉटर फॉल में सामने आई थी। जहां नहाने के दौरान राजेन्द्र झारिया नामक युवक गहरे पानी में चला गया और उसकी मौत हो गई। गढ़ा निवासी राजेन्द्र अपने दोस्तों के साथ यहां पिकनिक मनाने पहुँचा था। इसी तरह पिछले दिनों गौर नदी में एक पुल के ऊपर बैठे युवक शराब पी रहे थे। जिनमें से दो युवक नदी मे कूद गए जिनमे ंसे एक युवक को तो बचा लिया गया लेकिन दूसरे युवक की मौत हो गई।
पहले भी हो चुके हादसे
इस तरह के हादसे पूर्व में भी हो चुके हैं, कभी भेड़ाघाट के पंचवटी या धूआंधार में सेल्फी के चक्कर में लोगों ने अपनी जान गवां दी तो कभी तिलवारा पुल से सेल्फी लेना युवाओं को भारी पड़ गया। इसी तरह शहर के वॉटर फॉल में भी सेल्फी या फिर लापरवाह तरीके से गहरे पानी में चले जाना भी मौत का कारण बन गया।
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Author: Jai Lok







