
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र में सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर खास बहस होने जा रही है। इससे पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है। पार्टी ने रविवार को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े उन तमाम घटनाक्रमों को सामने रखा, जो अब तक चर्चा में थे लेकिन औपचारिक बहस से बाहर रहे।
खास बात यह रही कि कांग्रेस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी मुद्दा बनाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत पर व्यापार रोकने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने तुरंत दो दिन का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने तब कोई सुनवाई नहीं की। रमेश ने कहा कि अभी जो 16 घंटे की बहस लोकसभा में और उसके बाद राज्यसभा में होने जा रही है, वह देर से हो रही है लेकिन अच्छा है कि हो रही है।
चीन से टकराव और जम्मू कश्मीर एलजी का बयान
जयराम रमेश ने आगे बताया कि चार जुलाई को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को चीन से तकनीकी और सामरिक टकराव का सामना करना पड़ा।
वहीं, 14 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पहलगाम आतंकी हमला सुरक्षा एजेंसियों की विफलता का नतीजा था। और वो इसकी जिम्मेदारी लेते हैं। कांग्रेस ने ट्रंप के बार-बार किए जा रहे उस दावे को भी मुद्दा बनाया जिसमें वे कहते रहे कि उन्होंने भारत को व्यापारिक धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया। रमेश ने यह भी कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को लंच पर बुलाया, जो अभूतपूर्व है। अमेरिकी कमांड और विदेश मंत्री द्वारा पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी भूमिका की तारीफ पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
Author: Jai Lok







