
लाश की टुकड़े कर छिपाने की थी योजना
जबलपुर (जयलोक)
15 मार्च को अपने पिता और 8 साल के भाई को मारकर फरार हुई नाबालिग लडक़ी और उसका प्रेमी अब पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। लडक़ी को हरिद्वार पुलिस ने जबलपुर पुलिस द्वारा भेजी गई सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया। उसके प्रेमी आरोपी मुकुल सिंह ने सिविल लाईन थाने जबलपुर में कल आत्म समर्पण कर दिया। ये दोनों ही शातिर आपराधिक मानसिकता वाले अपराधी हैं। पूछताछ में इन आरोपियों ने यह कबूल किया कि इन्होंने पिता और भाई की हत्या करने के बाद उसी स्थान पर सेक्स किया था। फिर इतमिनान से चाय और मैगी बनाई। लाश को छुपाने का प्रयास किया। उनकी योजना लाशों के टुकड़े कर छिपाने की थी लेकिन सफल नहीं हुए और चार घंटे बाद योजना बनाकर वहां से फरार हुए। आरोपी मुकुल सिंह ने अपनी छाती में एक टेटू बनवाया। जिसके संबंध में उसने बताया कि उसने पाँच लोगों को मारने की कसम खाई थी। पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने एक पत्रकारवार्ता कर इनकी गिरफ्तारी की सूचना दी और इनके भागने छिपने एवं हत्या के कारण के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
75 दिनों पूर्व 15 मार्च 2024 को जबलपुर की रेलवे मिलेनियम कॉलोनी में रेलवे के अधिकारी 52 वर्षीय राजकुमार विश्वकर्मा और उसके 8 वर्षीय बेटे तनिष्क विश्वकर्मा की बेरहमी से हत्या करने वाली उसकी ही नाबालिग बेटी और उसका प्रेमी लंबी लुकाछुपी के बाद अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। जबलपुर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों के पीछे पड़ी एक टीम दो माह से शहर नहीं लौटी थी और लगातार इन आरोपियों का पीछा कर रही थी।
सितंबर से बना रहे थे हत्या की योजना
इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी इस वीभत्स हत्याकांड में बराबर से शामिल हैं। नाबालिग लडक़ी भी बहुत शातिर है। दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी परिवार वालों को थी। एक बार पूर्व में यह घर से भाग चुके हैं जिसके बाद परिजनों के दबाव में लडक़ी की शिकायत पर लडक़े को जेल जाना पड़ा था। जेल से छूटने के बाद भी इनका प्रेम प्रसंग जारी था। इनके बीच में सबसे बड़ा रोड़ा पिता बने हुए थे जो लडक़ी को अधिकांश समय अपने रिश्तेदारों के यहां रखते थे और सिर्फ परीक्षा देने जबलपुर बुलाते थे। लडक़ी जब जबलपुर में रहती थी तो पिता भी पूरे समय घर पर ही रहते थे। इस बात से ये दोनों बहुत परेशान थे और सितंबर 2023 से ही अपने पिता की हत्या करने की योजना बना रहे थे।
एप के माध्यम से होती थी बातचीत
इन दोनों के संबंध के खुलासे के बाद परिजनों ने सख्ती बरतना शुरू कर दी। ये दोनों ना मिल पाते थे ना फोन पर बात कर पाते थे जिसके बाद इन्होंने एक एप के माध्यम से बातचीत का सिलसिला शुरू कर दिया और उसी के माध्यम से ये लगातार संपर्क में थे। इसी दौरान इन्होंने हत्या की साजिश बनाना शुरू कर दिया था।
कुल्हाड़ी से की थी हत्या
आरोपी मुकुल ङ्क्षसह और नाबालिग लडक़ी ने बताया कि अपने पिता और भाई की हत्या के लिए उन्होंने कुल्हाड़ी का उपयोग किया था। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियार को आरोपियों के निशानदेही पर जल्द बरामद कर लेगी।
पिता की एफडी और नगद लेकर भागे थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी फरार होने के समय नगद पैसे और अपने पिता की एफडी को ऑनलाइन तोडऩे के बाद उसका पैसे खाते में ट्रांसफर कर भागे थे। इनके पास करीब सवा लाख रूपये थे। जिसके कारण ये विभिन्न शहरों में घूमते रहे।
जब तक पैसा था हिंदुस्तान घूम लिया
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी जबलपुर से सबसे पहले कटनी वहाँ से नागपुर फिर अलग अलग शहरों पुणे, मुंबई, बैंगलौर, भुवनेश्वर, शिलांग, अमृतसर, हरिद्वार आदि शहरों में घूमते रहे। जब तक इनके पास पैसे थे इन्होंने अलग अलग शहरों में फरारी काटी। 6 मई को इनके पास पैसे खत्म हो गए जिसके बाद इन्होंने आश्रम, धर्मशाला और भंडारों में खाना खाकर समय काटा।
नेपाल बार्डर से नहीं भाग पाए
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे भागने की फिराक में नेपाल बार्डर तक चले गए थे लेकिन इनके पास कोई भी दस्तावेज नहीं होने के कारण इन्हें बार्डर क्रॉस करने नहीं मिला। इन्होंने काफी प्रयास किया जब असफल हुए तो वहाँ से लौटकर अमृतसर आ गए। आखिरी के आठ दस दिन ये लोग अमृतसर से हरिद्वार के बीच में लगातार अपनी जगह बदलते रहे।
बर्तन मांजे, झूठा खाना खाया
आरोपियों ने बताया कि फरारी के दौरान जब उनके पैसे खत्म हो गए तो आरोपी मुुकुल ने बर्तन धोने का काम किया। इसके लिए उसे 12 घंटे काम करने पर तीन सौ रूपये मिले। पैसे खत्म हो जाने पर इन्होंने लोगों द्वारा टे्रन में और अन्य स्थानों पर छोड़े जाने वाला झूठा खाना खाकर भी दोनों ने अपना पेट भरा।
उत्तेजना में मार दिया भाई को
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे सिर्फ पिता को मारने की योजना पर काम कर रहे थे और इसी के तहत घटना दिनांक को दोनों ने मिलकर राजकुमार विश्वकर्मा पर कुल्हाड़ी और चाकू से वार किए। इसी बीच 8 साल का तनिष्क भी उठ गया और चिल्लाने लगा। दोनों आरोपियों ने उत्तेजना में उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी का भरपूर वार किया जिससे उसकी मौत हो गई और कुल्हाड़ी 8 साल के तनिष्ठ के सिर पर ही फंसी रह गई। जिसे खींचकर निकाला गया और फिर पिता राजकुमार पर ताबड़तोड़ प्रहार किए गए।
पुलिस के दबाव में आरोपी ने किया समर्पण
जबलपुर पुलिस की सूचना पर हरिद्वार पुलिस ने संदेह होने पर दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए रोक लिया था। एक महिला पुलिस कर्मचारी को इस बात का संदेह हुआ और उसने नाबालिग लडक़ी से पूछताछ शुरू की। इसी बीच शातिर आरोपी मुकुल ने दो मिनट में सामान उठाकर लाने का बहाना किया और वहाँ से फरार हो गया। बाद में उसे समझ में आया कि उसकी नाबालिग प्रेमिका गिरफ्तार हो चुकी है और पूर्व में भी वो उसके खिलाफ पुलिस में गवाही दे चुकी है। जिसके कारण उसे संदेह हुआ कि पूरा प्रकरण उसके ऊपर मढ़ दिया जाएगा और लडक़ी बच निकलेगी। पुलिस का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था जिसके कारण उसने थाने में समर्पण कर दिया।
12 से 15 लोगों की टीम लगी थी पकडऩे में
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी को पकडऩे के लिए 12 से 15 लोगों की टीम लगातार लगी हुई थी। आरोपियों को पकडऩे में थाना प्रभारी धीरज राज भी कई बार इनकी लोकेशन मिलने पर अलग अलग शहरों में दबिश देने पहुँचे। टीम में शामिल एक एएसआई इमरान खान और आरक्षक प्रमोद सोनी घटना के बाद से ही इनके पीछे लगे हुए थे और इनको पकडक़र ही वापस लौटने के लिए दृढ़संकल्पित थे। ये 15 मार्च के बाद से जबलपुर नहीं लौटे।

बदबू ना आए इसलिए लाश को पन्नी में लपेटकर फ्रिज में रखा
पुलिस ने बताया कि दोनों ही आरोपी बड़े शातिर हैं और इन्होंने हत्या की पूरी योजना बनाई थी।
पिता की हत्या करने के बाद उसे बड़ी सी पन्नी में लपेटा गया था और बच्चे की लाश को बदबू ना आए इसलिए फ्रिज में छुपाया गया था। यह सब शातिर अपराधियों की तरह सोच समझकर उठाए गए कदम थे।

ये पाँच थे निशाने पर
आरोपी मुकुल ने जो खुलासा किया उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी के सीने में बने टेटू के संबंध में जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने पाँच लोगों की हत्या की कसम खाई थी और इसकी योजना बनाई थी। इस टैटू में एक शैतान और पाँच खोपड़ी बनी हुई है। ये खोपड़ी पाँच लोगों की हत्या याद दिलाने के लिए बनवाई गई थी जिसमें लडक़ी का पिता, उसकी मौसी की लडक़ी, रेलवे के सुरक्षाकर्मचारी झारिया, पहले प्रकरण में उसे गिरफ्तार करने वाले पुलिस के एएसआईं और अंत में नाबालिग लडक़ी भी निशाने पर थी। लेकिन बाद में लडक़ी से पुन: संबंध स्थापित हो जाने पर इसने उसे अपने सूची से हटा दिया था। नाबालिग लडक़ी ने भी इस अंधे प्रेम की दास्तां में अपने हाथ में आरोपी के नाम का टेटू बनवाए हुए है।

Author: Jai Lok







