
जेल अधिकारी की जन्मदिन पार्टी में कैदियों के साथ छलके थे जाम-जेल अधीक्षक ने शुरू करवाई जाँच
जबलपुर (जयलोक)। विगत दिवस जेल अधिकारी कुलदीप सिंह की जन्मदिन पार्टी का एक वीडियो चर्चा में आया था। इसके सामने आने के बाद कई प्रकार की चर्चाएं शुरू हुई। मामला गंभीर था तो भोपाल तक इसकी दस्तक हुई। पार्टी में जेल अधिकारी कर्मचारियों के साथ साथ जेल से छूटे कैदी भी जाम से जाम झलका रहे थे। अब सूत्रों के अनुसार यह पार्टी जेल से छूटे कैदियों ने जेल अधिकारी को उपकृत करने के लिए दी थी इसमें तकरीबन 20 अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए थे। वहीं जेल अधिकारियों का कहना है कि यह जन्मदिन की पार्टी उनकी व्यक्तिगत थी और इत्तेफाक से जेल से छूटे कुछ लोग उस होटल में आ गए थे। लेकिन कुछ ही देर में वह लोग वहां से चले गए थे।
लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि जेल अधिकारी कुलदीप सिंह के लिए यह पार्टी राजा पांडे, विशाल दरोगा, सोनिया मनोहर सहित अन्य तीन हाल ही में छुटे कैदियों द्वारा आयोजित की गई थी। अब मामला चर्चा में आने के बाद जो भी जेल अधिकारी और कर्मचारी इस पार्टी में शामिल हुए थे उनके खिलाफ कार्रवाही की बात जेल अधीक्षक द्वारा कही जा रही है।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस कारागार में जेल अधिकारियों और जेल प्रहरियों की छुटे कैदियों के साथ की पार्टी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। जेल अधिकारी कुलदीप सिंह के जन्मदिन पर आयोजित की गई यह पार्टी चर्चा का विषय इसलिए बन गई क्योंकि इस पार्टी में जेल से रिहा हुए कुछ बदमाशों की यारी सामने आ रही है। मामले में खास बात यह है कि जेल अधिकारी इसे इत्तेफाक बता रहे हैं कि जिस दौरान कुलदीप सिंह की पार्टी चल रही थी उस समय जेल से छूटे कुछ कैदी भी वहां पहुँच गए। लेकिन जेल की चार दीवारियों के बीच ही यह चर्चा गर्म है कि यह पार्टी इन्हीं कैदियों द्वारा आयोजित की गई थी। जिसमें जेल अधिकारी कुलदीप सिंह और जेल प्रहरियों को खुश करने के लिए जमकर पैसा खर्च किया गया। कैदियों से ऐसी यारी अब जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को भारी पड़ सकती है क्योंकि यह जेल कानून और जेल सुरक्षा दोनों से जुड़ा मामला है।

होटल में आयोजित की गई थी पार्टी
जेल सूत्रों से पता चला है कि यह पार्टी मढ़ा ताल स्थित एक होटल में आयोजित की गई थी। जिसमें जेलर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए थे। सूत्रों का दावा है कि यह पार्टी राजा पांडे, विशाल दरोगा, सोनिया मनोहर, सहित तीन बंदियों द्वारा आयोजित की गई थी। जो जेल से कुछ दिनों पूर्व ही रिहा हुए थे। शुरू में तो मामले को दबाने का प्रयास किया गया। लेकिन जैसे ही इसके वीडियो और फोटो सामने आए तो जेल अधिकारियों को भी यह मानना पड़ा कि पार्टी में जेल से रिहा हुए कैदी भी शामिल थे। लेकिन उनके अनुसार यह इत्तफाक था।

दो दिनों में होगी कार्रवाही
इस मामले में जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने जय लोक से चर्चा करते हुए कहा कि जिस दौरान यह पार्टी हुई उस समय वे शहर से बाहर थे। वापस आकर उन्हें पता चला कि इस तरह की पार्टी हुई है। श्री तोमर का कहना है कि इस बात में कितनी सच्चाई है इसकी जाँच की जा रही है। वहीं दो दिनों में जाँच पूरी भी हो जाएगी। जिसके बाद कार्रवाही की जाएगी।

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Author: Jai Lok







