
जमीनी विवाद बताया जा रहा हत्या की वजह
जबलपुर/दमोह (जयलोक)
शहर से सौ किलोमीटर दूर दमोह जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। यहाँ एक होमगार्ड जवान और उसके दो बेटों की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने जहाँ होमगार्ड जवान का गला काटा तो वहीं उसके दोनों बेटों को गोलियों से भून डाला। वारदात आज सुबह की बताई जा रही है। हत्या की जानकारी लगते ही दमोह पुलिस मौके पर पहुँची और मृतकों के शवों को पीएम के लिए भिजवाते हुए हत्यारों की तलाश शुरू कर दी है।
दमोह पुलिस का कहना है कि हत्या का कारण पारिवारिक जमीनी विवाद बताया जा रहा है। दमोह – सागर स्टेट हाईवे पर बसे देहात थाना क्षेत्र के बांसा गांव में रमेश विश्वकर्मा, विक्की विश्वकर्मा और उमेश विश्वकर्मा की हत्या कर दी गई। दो युवकों पर गोलियां चलाई गई, जिससे वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाकर भागे। दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर करीब 20 से 25 गोलियों के खोखे मिले हैं। वहीं तीसरी हत्या होमगार्ड सैनिक रमेश विश्वकर्मा की की गई है। सैनिक का गला काटकर घर में यह हत्या की गई है। पुलिस का कहना है कि बांसा गांव में रमेश विश्वकर्मा, विक्की विश्वकर्मा और उमेश विश्वकर्मा की हत्या की गई है। करीब दो दर्जन कारतूस के खोखे भी बरामद हुए हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जबरदस्त फायरिंग घटना के दौरान की गई है।
आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा, घटना के पीछे विवाद की समस्या को स्पष्ट करने के लिए भी पुलिस जांच जारी रख रही है। रमेश के चाचा ने बताया कि उसके बेटे सौरभ को आरोपी ने सुबह के वक्त फोन करके धमकी दी थी कि उस दिन रमेश और उनके परिवार की हत्या करेगा।
यह धमकी देने के बाद उमेश और विक्की कोचिंग पढऩे दमोह गए हुए थे, जब उन्हें बीच सडक़ पर गोलियां मारी गई। यह घटना परिवार में विवाद के बाद हुई है, जिसमें पिछले कुछ महीनों में भी कई विवादित स्थितियाँ दर्ज हो चुकी हैं। कुछ महीने पहले भी रमेश और उनके बीच मारपीट की गई थी, जिसके बाद से विवाद बढ़ गया था।

Author: Jai Lok







