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पुलिस, अभियोजन एवं न्याय पालिका का संवाद होना चाहिए-जस्टिस विवेक अग्रवाल

जबलपुर (जयलोक)।  मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने यहां कहा कि न्यायजगत में होने वालें नए फैसलों और कानूनों में होने वाले बदलाव से अभियोजन अधिकारियों को अपडेट रहना होगा, साथ ही पुलिस, अभियोजन एवं न्याय पालिका का संवाद होना चाहिए। जस्टिस श्री अग्रवाल यहां पुलिस कंट्रोल रुम में लोक अभियोजन संचानालय द्वारा आयोजित अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम एवं नियम के निर्माण एवं समाज में वंचित एवं कमजोर तबके को न्याय दिलाने के उद्देश्य से आायोजित कार्यशाला का शुभारंभ करने के बाद मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में जिला न्यायाधीश मनीष शर्मा, विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट गिरीश दीक्षित, जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय भी मौजूद थे। कार्यशाला की अध्यक्षता संचालक अभियोजन बीएल प्रजापति ने की। कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि जस्टिस विवेक अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जस्टिस श्री अग्रवाल ने कहा कि जहां अधिकार है वहां कर्तव्य भी है। पुलिस, अभियोजन एवं न्याय पालिका का संवाद होना चाहिए।
एससी एसटी एक्ट के मामलों में अन्वेषण सूक्ष्मता एवं सावधानी से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियोजन का दायित्व है कि गवाहों को समय पर व त्वरित रूप से प्रस्तुत करें जिससे गवाह पक्ष द्रोही न हो पाए और न ही किसी के प्रलोभन में न आ पाएंगे।
जस्टिस श्री अग्रवाल ने आगे कहा कि गवाहों को गवाह भत्ता दिलाया जाना चाहिए। अन्वेषणकर्ता अधिकारी को अन्वेषण करते समय विवेचक को पूरीत सूक्ष्मता और सावधानी के साथ विवेचना करके अवलोकन के उपरांत प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। कार्यशाला में उपसंचालक अभियोजन विजय कुमार उइके व जबलपुर जिले के जिला अभियोजन अधिकारी अजय कुमार जैन एवं अन्य अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं अभियोजन कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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