
जबलपुर (जयलोक)। मदन महल की पहाडिय़ों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अब यहां फिर से बुल्डोजर गरजता नजर आएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुटा है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए जाने के बाद, अब होली के त्यौहार के तुरंत बाद पहाड़ी क्षेत्र से अवैध निमार्णों को हटाने की बड़ी कार्यवाही शुरू की जाएगी। इस कार्रवाही में पूरी मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण से मुक्त कराने की तैयारी की जा रही है। मदन महल की पहाड़ी से अतिक्रमण हटने के पश्चात मदन महल की पहाड़ी पर प्रस्तावित सौ करोड़ की वीरांगना दुर्गावती स्मारक के निर्माण का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

मदन महल की पहाड़ी पर अभी करीब 18 सौ अतिक्रमण हटाया जाना बाकी है। मदन महल पहाड़ी पर अतिक्रमण कार्रवाही रोकने के लिए शांति बाई शर्मा एवं अन्य द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई 24 फरवरी को हुई। जिसमें उच्च न्यायालय ने मप्र हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के आदेश जारी किए। जिसमें मदन महल पहाड़ी को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करने की बात कही गई है।

उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में साफ कहा है कि ना सिर्फ अतिक्रमणों पर कार्रवाही की जाए बल्कि इस पर निगरानी भी रखी जाए। अदालत ने राज्य शासन को आदेश दिया है कि अतिक्रमण हटाने की दिशा में जो भी प्रगति होगी, उसका ‘पालन प्रतिवेदन’ समय-समय पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के साथ-साथ सीधे सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उच्चतम न्यायालय के इस कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन ने अपनी योजना तैयार कर ली है और अब होली के बाद कार्रवाही करने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद चिन्हित किए गए सभी अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाने का काम शुरू होगा ताकि पहाड़ी के प्राकृतिक स्वरूप को वापस लौटाया जा सके।

Author: Jai Lok






