Download Our App

Home » दुनिया » पूर्व मंत्रियों को मिल सकती है मोहन कैबिनेट में जगह

पूर्व मंत्रियों को मिल सकती है मोहन कैबिनेट में जगह

मप्र में हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार
भोपाल (जयलोक)। मप्र में भाजपा सत्ता और संगठन में नई जमावट करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में सरकार का फोकस निगम-मंडल-बोर्ड और प्राधिकरणों में नेताओं को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाना। इसी बीच सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल विस्तार की योजना भी बना रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने से प्रदेश के सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है। खासकर उन नेताओं के दिलों की धडकऩे बढ़ गई हैं, जो मंत्री या मंत्री दर्जा पाने के लिए पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से इंतजार कर रहे हैं। इनमें से कई ऐसे नेता हैं, जो पार्टी में वरिष्ठ होते हुए भी किसी न किसी कारण से इस बार अहम पद नहीं पा पाए हैं, तो कुछ को अपने राजनीतिक पुनर्वास का इंतजार है। मप्र भाजपा में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद से ही पार्टी के नेता राजनीतिक पुनर्वास के लिए सक्रिय हो गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री भी लगातार दिल्ली का दौरा कर रहे हैं। ऐसे में निगम-मंडल-बोर्ड और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्ति के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार के कयास लगाने जाने लगे हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्ति के साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है। मंत्री बनने के लिए पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य पूर्व मंत्री सत्ता और संगठन में अपने संपर्कों के माध्यम से प्रयासरत भी हैं। संभावना जताई जा रही है कि रिक्त स्थानों की पूर्ति हो सकती है। कुछ मंत्रियों को खराब प्रदर्शन के आधार पर विश्राम भी दिया जा सकता है। उधर, राजनीतिक नियुक्तियां भी अब की जाएंगी। इसको लेकर संगठन स्तर पर कई बार चर्चा भी हो चुकी है। इसमें कुछ पूर्व विधायकों को समायोजित भी किया जाएगा। अभी इनके पास कोई काम नहीं है।
मंत्रिमंडल में 4 पद खाली
प्रदेश में मोहन यादव सरकार को डेढ़ वर्ष से अधिक का समय होने जा रहा है, लेकिन राजनीतिक नियुक्तियां नहीं हुई हैं। उधर, मंत्रिमंडल विस्तार का भी नेताओं को इंतजार है। पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, जयंत मलैया, हरिशंकर खटीक, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह को अपना नंबर आने की संभावना दिख रही है। इसमें क्षेत्रीय संतुलन साधने के हिसाब कुछ पूर्व मंत्रियों को फिर मौका दिया जा सकता है। उनके अलावा कांग्रेस से भाजपा में आए छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा सीट से विधायक कमलेश शाह भी प्रतीक्षारत हैं। रामनिवास रावत के मंत्रिमंडल से त्याग पत्र देने के बाद मोहन कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 31 मंत्री हैं। नियम के अनुसार 35 मंत्री हो सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कैबिनेट कैबिनेट में अभी दो उप मुख्यमंत्रियों को मिलाकर कुल 30 मंत्री हैं। इनमें से 20 कैबिनेट, 6 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 4 राज्यमंत्री हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें सियासी वीथिकाओं में पिछले छह महीने से अधिक समय से लग रही हैं।

 

मंडल अध्यक्ष अकील अहमद अंसारी भाजपा से निष्काषित

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » दुनिया » पूर्व मंत्रियों को मिल सकती है मोहन कैबिनेट में जगह
best news portal development company in india

Top Headlines

Live Cricket