
अपोलो हॉस्पिटल में हुई सफल सर्जरी, गुणवत्ता के इलाज के लिए अब बड़े शहरों पर निर्भरता नहीं
जबलपुर (जयलोक)। अपोलो हॉस्पिटल्स में म.प्र. की पहली सफल रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी हुई। यह ऐतिहासिक सर्जरी यूरोलॉजिस्ट, लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक यूरो सर्जन डॉ. प्रणल सहारे के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। इस सर्जरी के साथ ही म.प्र. अब उन चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जहाँ रोबोटिक तकनीक से प्रोस्टेट कैंसर का इलाज उपलब्ध है, जो न केवल म.प्र. के चिकित्सा क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है बल्कि हजारों मरीजों केलिए उम्मीद की नई किरण भी है।अपोलो हॉस्पिटल्स, जबलपुर लगातार नई तकनीकों को अपनाकर मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यहाँ रोबोटिक सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है। अपोलो हॉस्पिटल्स शहर में रोबोटिक सर्जरी, एंडोयूरोलॉजी, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन), किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य जटिल यूरोलॉजिकल उपचारों की भी सुविधा उपलब्ध है। अपोलो हॉस्पिटल्स, जबलपुर का उद्देश्य है कि म.प्र. के मरीजों को उनके ही राज्य में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें जिससे उन्हें अन्य राज्यों में जाने की आवश्यक्ता न हो।

यह एक अत्याधुनिक न्यूनतम चीर-फाड़वाली तकनीक है जिसमें पारंपरिक सर्जरी की तुलना में मात्र 1 से 2 सेंटीमीटर के 6 छोटे छेद किए जाते हैं, जबकि पारंपरिक सर्जरी में 15 से 20 सेंटीमीटर का बड़ा चीरा लगाया जाता है। इस तकनीक से सर्जरी के दौरान खून का बहाव न्यूनतम होता है और मरीज को पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बहुत कम दर्द होता है।

रोबोटिक प्रोस्टेट सर्जरी के लाभ – इस तकनीक में मरीज को केवल तीन से पांच दिन हॉस्पिटल में रुकना पड़ता है जबकि पारंपरिक सर्जरी में आठ से दस दिन की आवश्यक्ता होती है। रिक्वरी का समय भी पारंपरिक सर्जरी के 6 से 8 सप्ताह की तुलना में मात्र दो से तीन सप्ताह होता है। इस तकनीक की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें प्रोस्टेट के आसपास की नसों को अधिक सुरक्षित रखा जा सकता है जिससे सर्जरी केबाद यौन क्रिया पर पडऩे वाला प्रभाव न्यूनतम होता है।

साथ ही पेशाब नियंत्रण भी जल्दी ठीक हो जाता है जिससे मरीज की जीवन की गुणवत्ता पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। इस उपलब्धि संबंधी प्रेसवार्ता में रोबोटिक यूरोसर्जन डॉ. प्रणल सहारे, वरिष्ठ रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. गणेश गोरथी, डायरेक्टर डॉ. शोभित बड़ेरिया, सी.ई.ओ. डॉ. पुनीत मेहता, बिजनिस हेड नीलेश रावल उपस्थित रहे।
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Author: Jai Lok






