
टीआई निलंबित लेकिन बड्डू पटेल को संरक्षण देने में कई पुलिस कर्मियों का हाथ
जबलपुर (जयलोक)। अब यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज शहर और आसपास के क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कुख्यात बदमाशों का अड्डा बन गया है। ये खुलेआम यहां पल रहे हैं। फरार अपराधियों ने एम्बुलेंस संचालन के व्यापार में अपना हस्तक्षेप बढ़ाकर एम्बुलेंस माफिया को जन्म दे दिया है। एंबुलेंस का संचालन करने के लिए गुंडा टैक्स देना पड़ता है। जो नहीं देता उसके घर में डंपर घुसा दिया जाता है और गोलियां चलाई जाती है।
गोली चलाने वाला एनएसए का फरार अपराधी है जो लंबे अरसे से फरार था और बड़े मजे से मेडिकल कॉलेज में अपनी रंगदारी चल रहा था। फरार हिस्ट्रीशीटर अपराधी बड्डू पटेल के द्वारा वारदात करने के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने संजीवनी नगर थाना प्रभारी रमेश नर्रे को निलंबित कर दिया है। फरार अपराधियों पर कार्यवाही न करना और अनदेखी करने पर थाना की जिम्मेदारी तो बनती ही, लेकिन बड्डू पटेल को कई एसआई और एएसआई का याराना और संरक्षण प्राप्त था। इसीलिए उसके खिलाफ जारी वारंट की तामिली नहीं हो रही थी, अब ऐसे पुलिसकर्मी भी पुलिस अधीक्षक की नजरों में चढ़ गए हैं।

दूसरा आरोपी खुलेआम घूम रहा

एनएसए का आरोपी हिस्ट्रीशीटर बड्डू पटेल फरारी में वारदात को अंजाम दे रहा है। इसका एक अन्य साथी जीतू भी खुलेआम घूम रहा है खुलेआम मीडिया में बाईट दे रहा है। सूत्रों के अनुसार इसके खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये दोनों मिलकर अपने साथियों के साथ मेडिकल अस्पताल में एम्बुलेंस माफिया का दबदबा बढ़ाना चाहते हैं। इन अपराधियों को प्राप्त राजनैतिक संरक्षण पर भी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। इसलिए अन्य किसी एम्बुलेंस संचालक को डराने धमकाने और हमला करने में पीछे नहीं हट रहे हैं।
फरार अपराधियों द्वारा खुलेआम की जा रही गंभीर वारदातों और उन्हें समय पर पकड़े नहीं जाने के कारण सबंधित आर पुलिस चोकियों के जिम्मेदारों पर संदेह की उंगलियाँ उठ रहीं हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी ऐसे पुलिस कर्मियों की भूमिका पर उंगलियाँ उठ रहीं हैं इन्हें भी जल्द सजा भुगतनी पड़ सकती है। फिलहाल विगत दिवस हुए गोली चालन और डंपर से घर तोडऩे के मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है जो फरार अपराधी थे वो अभी फरार हैं।

Author: Jai Lok







