
जबलपुर (जयलोक)। आज श्रावण के दूसरे सोमवार को शहर में चारों ओर भगवान शिव की आराधना की जा रही है। एक ओर जहां शिव मंदिरों में सुबह तडक़े से ही पूजन अर्चन के लिए भक्तों का आना शुरू हो गया था तो वहीं दूसरी ओर शहर में संस्कार कांवड़ यात्रा के साथ गुप्तेश्वर से शाही सवारी भी निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में शिव भक्त शामिल हुए। हर साल एक नया इतिहास लिख रही संस्कार कांवड़ यात्रा में तो इस वर्ष एक लाख से अधिक कांवडि़ए शामिल होने का दावा किया गया। कांवड़ यात्रा बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठी। इस कांवड़ यात्रा का नेतृत्व संत दादा गुरु श्री भैया जी सरकार और श्री मुकुंददास जी महाराज ने किया। उनके साथ प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी तथा अभिलाष पांडे एवं शहर के अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड से सम्मानित विश्व की सबसे बड़ी ऐतेहासिक संस्कारधानी की संस्कार कांवड़ यात्रा सुबह 7 बजे से माँ नर्मदा तट गौरीघाट से कैलाशधाम खमरिया की ओर रवाना हुई तो दूसरी तरफ संस्कारधानी में महाकाल की तर्ज पर गुप्तेश्वर महादेव की शाही सवारी यात्रा सुबह 10 बजे भक्तों को आशीर्वाद देने नगर भ्रमण पर निकली।

नर्मदा जल लेकर निकलेे कावडि़ए
संस्कार कांवड़ यात्रा समिति के आयोजक महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, शिव यादव, नीलेश रावल, सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि 15 वें वर्ष में यह कांवड़ यात्रा प्रवेश कर चुकी है। आयोजकों ने बताया कि यात्रा गौरीघाट में माँ नर्मदा का पूजन कर प्रारंभ हुई, कावडि़ए नर्मदा जल लेकर शिवजी का अभिषेक करने रवाना हुए। यह यात्रा गौरीघाट से रेतनाका, रामपुर चौक, सराफा बाजार से गलगला, बेलबाग, घमापुर चौक, कांचघर चौक, गोकलपुर, रांझी, खमरिया चौक से कैलाश धाम में संपन्न हुई। जहाँ काँवडि़ए 35 किलोमीटर चलकर पहुँचे जहाँ उन्होंने महादेव का जल अभिषेक किया। पूरी कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग पर स्वागत मंच भी बनाए गए थे। पूरे रास्ते भर प्रसाद का वितरण भी किया गया।

शिव मंदिरों में भीड़ को लेकर अतिरिक्त प्रबंध
कांवड़ यात्रा के अलावा सावन सोमवार के अवसर पर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से देर रात तक भारी भीड़ उमडऩे की संभावना है। इसको ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसरों में भी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनें और व्यवस्था की गई है, जिससे दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। कई मंदिरों में आज शिवलिंग का निर्माण भी हो रहा है।

जगह-जगह हुआ स्वागत
शहर में निकली संस्कार कांवड़ यात्रा का भूरामल धर्मशाला गंजीपुरा में कांग्रेस द्वारा मंच लगाकर कावडिय़ों का और श्रृध्दालुओं को स्वागत किया गया। वहीं धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने भी कांवड़ा यात्रा में कावंडिय़ों के लिए खाने पीने की व्यवस्था कर रखी थी।
संत समाज के नेतृत्व में निकली शाही सवारी, नेतागण हुए शामिल
गुप्तेश्वर पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी मुकुंद दास महाराज, मार्गदर्शक डॉ. स्वामी नृसिंहदास महाराज के सानिध्य में शाही सवारी के माध्यम से भगवान भोलेनाथ संस्कारधानी के समस्त नागरिकों को आशीर्वाद प्रदान करने गुप्तेश्वर महादेव जी भ्रमण पर निकले। यात्रा के प्रारंभ में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू तथा मंत्री राकेश सिंह के भाई लेखराज सिंह ने शिवजी की पूजा अर्चना की। शाही सवारी के संयोजक पं. द्वारिका प्रसाद मिश्रा, पं. पंकज पाण्डे आदि ने बताया कि शाही यात्रा उज्जैन के महाकाल भगवान की तरह अपने गर्भगृह से निकल कर आज सुबह 10 बजे गुप्तेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई। जो शक्ति नगर चौक, कृपाल चौक, हाथीताल, हितकारिणी स्कूल, अनगढ़ महावीर मंदिर, आदिशंकराचार्य चौक (छोटी लाइन), शास्त्री ब्रिज, बस स्टैंड, गंजीपुरा, फुहारा से होते हुए मिलौनीगंज रामलीला मैदान में यात्रा का समापन हुआ। शाही यात्रा में डॉ. स्वामी नृसिंहदास, महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी, दण्डीस्वामी कालीकानंद महाराज, स्वामी पगलानंद, डॉ. स्वामी राधे चैतन्य, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी, स्वामी राजारामाचार्य, स्वामी रामजी शरण, स्वामी चैतन्यानंद सहित अनेक महात्मागण शामिल हुए।
Author: Jai Lok







