
सुरक्षा की दृष्टि से समान्यत: इतना लंबा सडक़ का सफर नहीं करवाती सुरक्षा एजेंसियाँ
जबलपुर (जयलोक)। आज बालाघाट में महिला शसक्तिकरण के विषय पर आयोजित रक्षाबंधन एवं श्रावण उत्सव पर एकत्रित हुई हजारों बहनों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निराश नहीं होने दिया। सुरक्षा मानकों की बिना ज्यादा परवाह किए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस बात का निर्णय लिया कि वे मुख्यमंत्री का इंतजार कर रही हजारों बहनों के बीच में अवश्य जाएँगे। भले ही उन्हें जबलपुर से बालाघाट का सफर सडक़ मार्ग से तय करना पड़े।
आज सुबह अल्पप्रवास पर जबलपुर पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने वैकल्पिक कार्यक्रम के कारण सडक़ मार्ग से बालाघाट जिले में आयोजित कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह लगभग 10.35 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल विशेष विमान द्वारा जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर पहुँचे। यहाँ से मुख्यमंत्री को तय कार्यक्रम के अनुसार हेलीकॉप्टर से बालाघाट जाना था। यह भी कल तय हुआ था कि अगर मौसम खराब रहा तो मुख्यमंत्री सडक़ मार्ग तक बालाघाट के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के अनुसार मौसम खराब होने के कारण और विजिबिल्टी कम होने के कारण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुरक्षा कारणों से बालाघाट के लिए हेलीकॉप्टर की उड़ान नहीं भर पाए। बालाघाट में आज रक्षाबंधन और श्रवण उत्सव पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण विषय पर महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
प्रदेश की बहनें इस महत्वर्पूण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहीं थीं, और इस बात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सडक़ मार्ग से ही जबलपुर से बालाघाट का सफर तय करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे अधिकारियोंं को इतने लंबे सडक़ मार्ग पर मुख्यमंत्री को ले जाने में थोड़ा सा अचरज और संकोच हुआ। लेकिन फिर मुख्यमंत्री के निर्देश के आगे किसी की एक ना चली और कुछ देर डुमना विमालतल पर रूकने के बाद वो सडक़ मार्ग से रवाना हो गए।

डुमना विमानतल पर हुआ आत्मीय स्वागत
डुमान विमानतल पर पधारे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नगर के प्रथम नागरिक महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रभात साहू, विधायकगण अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, नीरज ङ्क्षसह, अभिलाष पांडे, अखिलेश जैन, निगमाध्यक्ष रिंकु विज, डॉ. जितेन्द्र जामदार, रंजीत पटेल, शुभम अवस्थी आदि ने आत्मीय स्वागत किया।

Author: Jai Lok







