
जबलपुर (जयलोक)। भाजपा सत्ताधारी दल है और ऐसे मौके का लाभ उठाते हुए बिना धरातल के नेता बने पैसे वाले व्यापारी अपने या अपने भाई को या फिर लडक़े को संगठन में पद दिलवाने का दबाव बना रहे हैं। इस घुसपैठ के प्रयासों के कारण जबलपुर और कुछ और बड़े शहरों में संगठन स्वतंत्र रूप से अपना निर्णय नहीं ले पा रहा है और यही वजह है कि भाजपा की लंबे समय से बहु प्रतीक्षित नगर कार्यकारिणी घोषित नहीं हो पा रही है। सूत्रों के अनुसार अब जबलपुर नगर भाजपा की नई कार्यकारिणी नए साल में ही घोषित हो पाएगी।
वर्तमान अध्यक्ष रत्नेश सोनकर सभी के साथ तालमेल के अनुरूप कार्यकारिणीर के गठन के लिए निर्णय लेना चाहते हैं जिसमें जातिगत समीकरण के साथ ही क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संतुलन बनाते हुए 10 साल पुरानी कार्यकारिणी को नया स्वरूप देना चाहते हैं।

इस बात के भी संकेत नजर आ रहे हैं की पुरानी कार्यकारिणी से कुछ ही चेहरे रिपीट होंगे। इसकी मुख्य वजह यह है कि इनमें से बहुत से लोग जीएस ठाकुर के नगर अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान प्रथम चरण में नगर कार्यकारिणी के पदाधिकारी बने थे कुछ ऐसे थे जो दूसरे दौर में कार्यकारिणी का हिस्सा बन पाए। कुछ ऐसे लोगों के भी नाम थे जो दूसरे राजनीतिक दलों से आए और उन्हें नगर संगठन में पैराशूट एंट्री मिली।

वर्तमान स्थिति में सबसे अधिक परेशानी वह लोग उत्पन्न कर रहे हैं जो राजनीतिक धरातल में तो कोई हैसियत नहीं रखते बस अपने पैसे और व्यापार की दम पर अपने निजी स्वार्थ अपने व्यापार को बढ़ाने के उद्देश्य से ही संगठन के पदाधिकारी का पद खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए फिलहाल रणनीति के तहत संगठन में घुसपैठ के लिए दबाव बनाने का कार्य किया जा रहा है। कुछ विवादित नाम भी बार-बार चर्चा में आ रहे हैं जो भोपाल के नेताओं से लेकर संघ के कुछ लोगों के खुद का करीबी होने का दम भर संगठन में पद पाना चाहते हैं।
हालाँकि बहुत से ऐसे नाम हैं जो वास्तव में नगर संगठन की कार्यकारिणी में शामिल होंगे तो उसकी शोभा भी बढ़ाएंगे और संगठन को मजबूत करने की दिशा में अध्यक्ष के प्रयासों को मजबूती प्रदान करेंगे। इन नाम को आगे बढ़ाने का कार्य संगठन गाइडलाइन के लोग मजबूती के साथ कर रहे हैं।
हालांकि जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने लोगों को स्थान दिलाने के लिए हर प्रकार के प्रयास जारी रखे हैं। इसके साथी ही कुछ अच्छे नाम का विरोध क्रम भी जारी है। शहर के एक वरिष्ठ एवं प्रभावी नेता के खेमें से ज्यादा नाम सामने आने के बाद अब इनकी प्राथमिकता तय की जा रही है। खेमे में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हंै जो नेताजी की मंशा के विपरीत जाकर उनके नाम का दोहन करने से पीछे नहीं हटते। यह बात नेताजी को भी ना पसंद है और इस बार उन्होंने ऐसे व्यापारी किस्म के लोगों से थोड़ी दूरी बना ली है जो पार्टी संगठन के काम के काम है और अपने स्वार्थ के लिए अधिक सक्रिय है। हालांकि यह लोग अभी भी अपना पैसा दिखाकर और लुभावने दावे और वादे कर संगठन में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं।

चापलूसों, दागदार दावेदारों से दूरी बनाएगा संगठन
नवीन कार्यकारिणी के गठन में इस बात का पूरा ध्यान रखा जाएगा कि चापलूस किस्म के दागदार दावेदारों को संगठन से दूर रखा जाए। उनके नाम की सिफारिश अगर उनको संरक्षण देने वाले क्षेत्र के नेता करते हैं तो उन लोगों की सिफारिश की रिपोर्ट भी प्रदेश संगठन तक भेजने का कार्य गोपनीय तरीके से किया जाएगा। इसकी मुख्य वजह यह है कि पिछले कार्यकाल में भाजपा के संगठनात्मक पदों पर बैठे लोगों को अनैतिक कृत्यों, अपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उन्हें पकड़ कर पुलिस ने जेल भेजा था इस प्रकार के कांडों के कारण भाजपा की छवि को काफी धक्का लगा था।
होटलबाजी करने वाले ऐसे हवा हवाई नेताओं को अब बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी संगठन ने कर ली है। कुछ लोगों को पहले ही निष्कासित किया जा चुका है कुछ लोगों से दूरी बनाए जाना तय है। उनके स्थान पर अच्छे प्रतिष्ठित व्यापारियों को जो राजनीतिक क्षेत्र में सकारात्मक छवि के साथ कार्य कर रहे हैं उन्हें अवसर दिए जाने की चर्चा है।
हालांकि संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि अब शक्ल देखकर कार्यकारिणी का गठन नहीं होना चाहिए बल्कि संगठन लाइन पर सालों से कार्य कर रहे लोगों की मेहनत को देखकर उन्हें यह अवसर प्रदान करना चाहिए।
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Author: Jai Lok







