
जबलपुर (जयलोक)। अब बीयर की कमी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शराब ठेकेदारों ने आबकारी विभाग पर पक्षपात और अव्यवस्था के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लाइसेंस फीस जमा करने के बाद भी उन्हें मांग के अनुसार बीयर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

वित्त वर्ष शुरू हुए लगभग दो सप्ताह बीत चुके हैं और गर्मी अपने चरम पर है। ऐसे समय में बीयर की मांग सबसे अधिक रहती है, लेकिन जिले की कई दुकानों पर स्टॉक नहीं पहुंच पा रहा। ठेकेदारों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर ऊंची बोली में ठेके लिए थे, ताकि सीजन में अच्छा कारोबार हो सके, परंतु आपूर्ति में कमी से उनकी आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो रही है।

कारोबारियों का कहना है कि बीयर वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। जिन ठेकेदारों की अधिकारियों से नजदीकी बताई जाती है, उन्हें चिल्ड बीयर आसानी से मिल रही है, जबकि अन्य दुकानदारों को स्टॉक खत्म होने का हवाला दिया जा रहा है।

ठेकेदारों के अनुसार बीयर की मांग ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दर्ज की जाती है और नियम के मुताबिक पहले मांग करने वालों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। लेकिन आरोप है कि पोर्टल खुलते ही कुछ चुनिंदा लोगों को स्टॉक आवंटित कर दिया जाता है और बाकी को तकनीकी कारण बताकर टाल दिया जाता है।
बीयर की कमी से नाराज ठेकेदार अब एकजुट हो गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर से मुलाकात कर शिकायत करेंगे और आवश्यकता पडऩे पर शासन स्तर तक मामला उठाएंगे।
Author: Jai Lok







