
जबलपुर (जयलोक)। एसआईआर कार्य को लेकर प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने एक सनसनीखेज बात कही है। उन्होंने दावा किया है कि एसआईआर कार्य में शहर से 12 सौ संदिग्ध सामने आए हैं। जिसके लिए श्री विश्नोई ने मुख्यमंत्री से इन लोगों की जाँच की माँग की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि 12 सौ संदिग्ध लोग तो सिर्फ शहर में मिले हैं प्रदेशभर में एक लाख से अधिक संदिग्ध लोगों का अनुमान भी जाहिर किया है। विधायक अजय विश्नोई ने एक्स पर ट्विट करते हुए कहा कि एसआईआर कार्य में संदिग्ध लोग सामने आ रहे हैं। जिसमें जबलपुर में ही 12 सौ लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों के विदेशी नागरिक होने की सूरत में इन्हें इनके देश वापस भेजा जाना चाहिए।

प्रदेश भर में रहे हैं एक लाख संदिग्ध
इसके साथ ही श्री विश्नोई ने प्रदेश भर में एक लाख संदिग्ध लोगों के रहने का भी अनुमान जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से माँग की है कि ऐसे लोगों की जाँच की जानी चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके। मध्य प्रदेश में संदिग्ध व्यक्तियों का डिटेंशन न किए जाने की स्थितियों का हवाला दिया। उनका कहना है कि 12 साल पहले मध्य प्रदेश के डीजीपी ने डिटेंशन के अधिकार पर रोक लगा दी थी।

विधायक ने ये लिखा
एसआईआर कार्य में मिल रहे संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच करके यह सुनिश्चित करना कि वे विदेशी नागरिक नहीं हैं। (अब तक जबलपुर में 1200 संदिग्ध व्यक्ति मिले हैं।) यह शासन का दायित्व है।
परंतु मध्यप्रदेश में किसी संदिग्ध व्यक्ति को निरुद्ध करके उसकी जांच करना इसलिए संभव नहीं है क्योंकि पुलिस प्रशासन को आईपीसी की धारा 109 के उपयोग पर डीजीपी के आदेश के कारण 12 सालों से रोक लगी हुई है। मैंने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उम्मीद है विषय की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र निर्णय किया जाएगा।

Author: Jai Lok







