
भोपाल (जयलोक)। मप्र में वर्तमान में भाजपा का फोकस संगठन के विस्तार पर है। भाजपा सूत्रों की माने तो पार्टी पहले प्रदेश संगठन का गठन करेगी। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में मंथन चल रहा है। मप्र भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मंशानुसार प्रदेश संगठन में सारे समीकरणों पर नजर रखते हुए नेताओं को नियुक्ति दी जाएगी। उसके बाद जिलों की कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इसके पीछे भाजपा की मंशा है कि प्रदेश पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर जिलों की कार्यकारिणी का गठन किया जाए। निगम-मंडलों और आयोगों में अपनी राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे भाजपा नेताओं को एक बार फिर थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। संगठन और सरकार ने इन नियुक्तियों से पहले संगठन की टीम तैयार करने का निर्णय लिया है। संगठन ने तय किया है कि पहले जिलों में टीमें बनाई जाएंगी और उसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी का गठन होगा। इसके बाद ही पार्टी नेताओं को निगम-मंडल और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों के जरिए समायोजित किया जाएगा। प्रदेश के कई भाजपा नेता पिछले 20 महीनों से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं। सरकार बनने के दो महीने बाद ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल फरवरी में अधिकांश निगम-मंडलों और बोर्डों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को हटा दिया था। तब से लेकर अब तक अटकलें लग रही थीं कि लोकसभा चुनावों के बाद कार्यकर्ताओं की राजनीतिक नियुक्तियां की जाएंगी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति का इंतजार
पार्टी सूत्रों के अनुसार पहले यह तय किया गया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा के बाद ही प्रदेश की नई टीम को चुना जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व ने फिलहाल बदलाव नहीं किया है। बीते सप्ताह हेमंत खंडेलवाल, हितानंद और मुख्यमंत्री मोहन यादव दिल्ली गए थे। जहां राष्ट्रीय संगठन संयुक्त महासचिव शिवप्रकाश के साथ नई टीम के गठन को लेकर चर्चा हुई। चुने गए पदाधिकारियों की सूची राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष को सौंप दी गई है। जो केंद्रीय नेतृत्व की सहमति के बाद जारी की जाएगी।
बद्जुबानी करने वाले कांग्रेस पूर्व पार्षद पर दर्ज हुई एफआईआर ,जाएगा जेल
Author: Jai Lok







