
जबलपुर (जयलोक)। भारतीय जनता पार्टी की जबलपुर जिले की कार्यकारिणी घोषित होने में काफी समय ले रही है। नगर अध्यक्ष निष्पक्ष रूप से सभी जन प्रतिनिधियों की राय और सुझाये गए नामों का समावेश कर सूची घोषित करना चाहते हैं। लेकिन एक बड़ी अड़चन नजर आ रही है जिसमें भाजपा संगठन में शामिल होने के लिए कुछ व्यापारी किस्म के नेता साम- दाम-दंड-भेद का उपयोग कर रहे हैं। यही एक और मुख्य वजह है जिसके कारण भाजपा नगर की जिला कार्यकारिणी घोषित होने में समय ले रही है।

हाल ही में हुई भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी से सतर्कता

अभी हाल ही में जबलपुर पुलिस के द्वारा कई ऐसे भाजपा के नेताओं को पकड़ा गया जो मंडल स्तर पर या अन्य प्रकोष्ठ में पदाधिकारी बनकर संगठन का हिस्सा बन गए थे और देह व्यापार जैसे अनैतिक व्यापार में लिप्त थे। इसके अलावा कुछ भाजपा के नेताओं के नाम शराब तस्करी से लेकर अपराधियों और हत्यारों को संरक्षण देने, जुआ सट्टा की दुकान सजाने तक में सामने आ चुके हैं। वर्तमान नगर कार्यकारिणी के गठन में इस बात की पूरी सतर्कता बरती जा रही है कि कोई दागदार या व्यापारी नेता संगठन में शामिल ना पाए।
सूत्रों का कहना है कि जिन नामों की चर्चा चल रही है और जिनका हल्ला मच रहा है जमीनी स्तर के नेता कम है व्यापारी ज्यादा है। जिनका शुद्ध उद्देश्य केवल भाजपा संगठन में पद पाकर अपने व्यापार को संरक्षित सुरक्षित करना है। ऐसे नाम भी है जो पूर्व में भी किसी न किसी पद पर रह चुके हैं। लेकिन पद पर आने के बाद उनकी संगठन के प्रति दायित्व निर्वहन की जो रुचि दिखाई नहीं दी है उसको लेकर संगठन के लोग ऐसे नाम को दोबारा शामिल करने से बचना चाहते हैं। लोगों को संगठन के अलग अलग पद तो प्राप्त हुए लेकिन संगठन के द्वारा दिए जाने वाले कार्यों को केवल दिखावे के रूप में करते हुए यह लोग केवल भाजपा के पद का व्यापारिक लाभ लेने में अधिक दिलचस्पी दिखाते रहे।
चर्चित नाम में एक दो नाम ऐसे भी हैं संगठन के हर कार्य में अपनी सक्रियता दिखाने में नहीं हटते और उनकी यह सक्रियता पूरे साल दिखाई देती है। ऐसे ही लोग संगठन के कार्यों को मतदाताओं और आम जनता तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।चर्चा तो इस बात की भी है कि किसी एक लॉबी के अधिक लोग पद ना पाए इसको लेकर विधायकों के बीच में जोर आजमाइश का दौर जारी है। कुछ ऐसे नाम है जिन पर विधायक अड़े हुए हैं लेकिन वरिष्ठ नेता उनके पुराने क्रियाकलाप को याद करते हुए उक्त नाम पर सहमति प्रदान नहीं कर रहे हैं। जिन व्यापारी किस्म के भाजपा नेताओं से जबलपुर के नेताओं ने किनारा कर लिया है वह भोपाल के नेताओं के भरोसे और संगठन के बड़े पदाधिकारी का कुर्ता पकडक़र लटक गए हैं। सबसे अधिक दबाव नगर अध्यक्ष पर पड़ता नजर आ रहा है। नगर अध्यक्ष सबको साथ में लेकर संबंध बनाना चाहते हैं लेकिन राजनीति में पक्ष में रहने वाले से अधिक विरोधी होते हैं। कुछ नाम पर तो कुछ विधायकों ने इसको नाक का सवाल बना लिया है।

3 नवंबर के बाद ही घोषित होगी सूची
पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिला कार्यकारिणी की सूची में किए जाने वाले नाम की घोषणा अब 3 नवंबर के बाद ही संभावित है। इसकी मुख्य वजह है जबलपुर में चल रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बड़ा सम्मेलन। निश्चित तौर पर कार्यकारिणी घोषित होने के बाद हर कोई तो खुश नहीं होगा। ऐसी स्थिति में नकारात्मक बातों को अधिक स्थान न मिल सके और भाजपा में स्थानीय स्तर पर चल रही खींचतान उभर कर सामने ना आ पाए इसलिए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जिला कार्यकारिणी की सूची बाद में ही घोषित की जाएगी।
युवा चेहरे के नाम पर व्यापारियों को पद दिलवाने का जोर
नगर भाजपा संगठन में युवा चेहरों को स्थान दिलाने के नाम पर कुछ व्यापारियों को सूची में शामिल करने के लिए सूरज महेश का कर्म भी चल रहा है। हालांकि इनमें कुछ ऐसे नाम भी शामिल है जो अपनी हरकतों के कारण शहर के कई प्रमुख दरबारों से निकाले जा चुके हैं। इनको अब बड़े आयोजनों बड़े कार्यक्रमों में जिम्मेदारी नहीं दी जाती बल्कि दर्शक दीर्घा में बैठा दिया जाता है। यह वही लोग हैं जो प्रशासनिक अधिकारियों पर बड़े नेताओं के साथ अपनी फोटो और वीडियो दिखा कर उन्हें चमकाकर अपना व्यापारिक लाभ सिद्ध करने का प्रयास करते हैं। संगठन की गाइडलाइन के अनुरूप ऐसे लोग दूर दूर तक फिट नहीं बैठते आगे चलकर ऐसे ही लोग अपने क्रियाकलाप से भाजपा को कलंकित करने का काम करते हैं।
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Author: Jai Lok







