Download Our App

Home » दुनिया » भारतीय मिसाइलों की जद में पाक के साथ चीन-तुर्की भी

भारतीय मिसाइलों की जद में पाक के साथ चीन-तुर्की भी

नई दिल्ली (जयलोक)। भारत ने पाकिस्तान को सीधा संदेश देने का फैसला किया है, साथ ही कई मोर्चों पर सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्नि-6 मिसाइल पर बड़ी घोषणा की। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी मारक क्षमता 10,000 किलोमीटर से अधिक होगी, जिससे यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल बन जाएगी। इससे पाकिस्तान, चीन के अलावा तुर्की भी इसके दायरे में आएगा।
पश्चिमी सीमा पर त्रिशूल अभ्यास में थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त शक्ति प्रदर्शन किया। अब पूर्वी मोर्चे पर अरुणाचल प्रदेश में ट्राई-सर्विसेज ड्रिल की तैयारी है। गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर राफेल, तेजस और सुखोई जेट्स ने भव्य एयर शो किया, जो दुश्मनों के लिए चेतावनी था। इसी बीच, भारत कूटनीति में सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान दौरे पर जा रहे हैं, जब पूर्वी सीमा पर ‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ अभ्यास चल रहा होगा। कूटनीतिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री मोदी 11-12 नवंबर 2025 को भूटान की राजकीय यात्रा करेंगे। यह दोनों देशों के विशेष संबंधों को मजबूत करने और उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को बनाए रखने का हिस्सा है। वे भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मिलेंगे और 1020 मेगावाट पुनात्सांगचू-2 जलविद्युत परियोजना का उद्घाटन करेंगे। मोदी चतुर्थ राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिवस समारोह में शामिल होंगे तथा भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी चर्चा करेंगे। यह यात्रा सैन्य अभ्यासों के साथ भारत की संतुलित रणनीति को दर्शाती है। भारतीय वायुसेना ने 93वें स्थापना दिवस के दूसरे संस्करण में गुवाहाटी के लचित घाट पर ब्रह्मपुत्र के दोनों तटों पर एयर शो आयोजित किया। इसमें राफेल, तेजस, सुखोई, मिराज और अपाचे हेलीकॉप्टर सहित 60 विमानों ने भाग लिया। ये पूर्वोत्तर के प्रसिद्ध स्थलों जैसे लचित, काजीरंगा, मानस, एलिफैंट और बराक के नाम वाली फॉर्मेशन में उड़े। यह प्रदर्शन वायुसेना की परिचालन क्षमता, सटीकता और शक्ति का प्रतीक था, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संदेश देता है। अरुणाचल प्रदेश के मेचुका में 11 नवंबर से ‘पूर्वी प्रचंड प्रहार’ अभ्यास शुरू होगा, जो 15 नवंबर तक चलेगा। चीन सीमा के निकट यह दुर्गम इलाका है। इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय, युद्धक क्षमता और तकनीकी एकीकरण की जांच होगी। पश्चिमी सीमाओं पर जारी गतिविधियों के बीच यह अभ्यास रणनीतिक महत्व रखता है।

 

हिमांशु मांडले हत्याकांड, हाईकोर्ट ने पाँचों आरोपियों को किया दोषमुक्त, रिहाई का आदेश

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » दुनिया » भारतीय मिसाइलों की जद में पाक के साथ चीन-तुर्की भी
best news portal development company in india

Top Headlines

Live Cricket