
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य है जहां युवक कांग्रेस के प्रदेशभर के चुनाव ऑनलाइन कराए गए हैं। करीब 16 लाख युवक कांगे्रसियों ने पूरे प्रदेश में मतदान किया है। इनमें से लाखों की संख्या में युवक कांगे्रसियों के मतों को रद्द भी किया गया है। युवक कांग्रेस के प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के साथ ही जिला और नगर युवक कांग्रेस तथा अन्य पदाधिकारियों के चुनाव भी ऑनलाइन ही हुए हैं। चूंकि बड़ी संख्या में मतदान हुआ है इसलिए मतगणना भी बहुत ही धीमी गति से चल रही है। मतगणना को लेकर तथा चुनावी नतीजों की घोषणा का युवक कांगे्रसी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
युवक कांग्रेस के चुनाव जबलपुर में दावेदारों की धडक़नें तेज किए हुए है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में दावेदार मैदान में उतरे हैं, लेकिन फिलहाल प्रदेश स्तर पर जो परिस्थितियां बनी हैं, उससे इस माह अक्टूबर में किसी भी तरह की घोषणा की संभावना नहीं है। अब सभी की नजरें नवंबर माह पर टिकी हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जबलपुर से यश घनघोरिया का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। वे लंबे समय से सक्रिय हैं और संगठन में अच्छी पकड़ रखते हैं। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि प्रदेश स्तर पर उनकी दावेदारी को गंभीरता से लिया जा रहा है। यह भी दावा किया जा रहा है कि यश घनघोरिया प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में आगे चल रहे हैं।

दावेदारों की बेचैनी बढ़ी
प्रदेश स्तर पर चुनाव प्रक्रिया को पूरे हुए दो माह से अधिक समय बीत चुका है। पहले कहा गया था कि अक्टूबर में नतीजे घोषित होंगे, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि अक्टूबर में किसी भी तरह का ऐलान मुश्किल है। संगठन सूत्रों के मुताबिक सदस्यता फॉर्म की खामियों और रिजेक्शन ने समीकरण बिगाड़ दिए हैं। साढ़े पांच लाख फॉर्म रिजेक्ट होने और पांच लाख फॉर्म में खामियां मिलने से कई दावेदारों की स्थिति कमजोर हो गई है। इसका सीधा असर जबलपुर के दावेदारों पर भी पड़ेगा।

जबलपुर में अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बना रोचक
जबलपुर नगर अध्यक्ष पद के लिए इस बार मुकाबला बेहद रोचक रहा है। इस पद के लिये राहुल बघेल, अभिषेक सोनकर, संजय अहिरवार, रोशनी चौधरी प्रमुख उम्मीदवार हैं। वहीं इनके अलावा भी 10 से अधिक युवा कार्यकर्ता मैदान में हैं। नगर क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में दावेदारों का सामने आना बताता है कि संगठन में युवाओं की सक्रियता लगातार बढ़ी है।

इसके विपरीत, ग्रामीण क्षेत्र से दावेदारी फिलहाल सिर्फ दो नामों तक सीमित है। शुभम श्रीवास्तव और सौरभ गौतम इस पद के प्रबल दावेदार हैं दोनों ही युवाओं ने जमीनी स्तर पर काम किया है और ग्रामीण इकाई के लिए इन्हें ही सबसे मजबूत चेहरा माना जा रहा है।
Author: Jai Lok







