
नगर निगम के नवाचार से स्वच्छता अभियान को मिलेगी गति – निगमाध्यक्ष रिकुंज विज
*स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान में मापदण्डों के अनुरूप जमीनी स्तर पर जनभागीदारी के साथ मिलकर करेगें प्रयास – निगमायुक्त श्री अहिरवार
जबलपुर जय लोक। नगर निगम द्वारा स्वच्छता और नवाचार की दिशा में एक सराहनीय प्रयास किया गया है। महापौर जगत बहादुर सिंह ’अन्नू’ एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार की पारदर्शी और दूरदर्शी कार्यप्रणाली के कारण, अब शहर के मंदिरों में चढ़ाए गए फूल कचरे का हिस्सा नहीं बनेंगे, बल्कि आपके होली के त्यौहार में रंगों और खुशबू की मिठास घोलेंगे। इसके अलावा धूप बत्ती के साथ इससे अगरबत्ती भी बनाने का कार्य किये जा रहे हैं। इस संबंध में महापौर ने बताया कि जबलपुर इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान में उच्च शिखर को प्राप्त करेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए नगर निगम द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार नए-नए नवाचार कर कीर्तिमान स्थापित किया जा रहा है।

महापौर श्री अन्नू ने बताया कि कबाड़ से कमाल के अंतर्गत पुराने कबाड़ से नई-नई आकृतियॉं बनाकर उद्यानों, चौराहों, तिराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रखे गए हैं जिससे स्वच्छता में चारचॉंद लगा है और सौन्दर्यीकरण कि दिशा में भी इससे लाभ प्राप्त हुआ है।
निगमाध्यक्ष रिकुंज विज ने कहा कि नगर निगम के नवाचार से स्वच्छता अभियान को इस वर्ष और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि महापौर एवं निगमायुक्त के सार्थक प्रयास स्वच्छता के क्षेत्र में रैंकिंग लाने में सहायक सिद्ध होगा।

निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान में शासन से प्राप्त दिशा निर्देशों एवं निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप जमीनी स्तर पर जनभागीदारी के साथ मिलकर हम सब बेहतर प्रयास करेगें और जबलपुर को स्वच्छता अभियान में बेहतर रैंकिंग लाने के लिए कार्य करेगें।
, नगर निगम ने ’वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से संपदा) के मंत्र को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल शुरू की है। इस नवाचार के अंतर्गत शहर के सभी प्रमुख मंदिरों से श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए फूलों को विशेष वाहनों के माध्यम से एकत्रित किया जा रहा है। इन फूलों को बलदेवबाग स्थित कंपोस्ट प्लांट में पहुंचाया जाता है। प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक से इन फूलों को प्रोसेस कर हर्बल गुलाल, आकर्षक रंगोली, सुगंधित अगरबत्ती और उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा रही है।

महापौर जगत बहादुर सिंह ’अन्नू’ ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। अक्सर मंदिरों का निर्माल्य (पुराने फूल) नदियों या खुले स्थानों पर फेंका जाता था, जिससे प्रदूषण होता था अब नगर निगम की इस पहल से नदियों और तालाबों को भी प्रदूषित होने से बचाया जायेगा।
फूलों को प्राकृतिक विधि से सुखाकर बारीक पीसा जाता है तथा प्राकृतिक बेस पाउडर एवं फूड कलर को हल्के एसेंशियल ऑयल की सुगंध के साथ पूर्णतः नेचुरल तरीके से गुलाल निर्मित किया जाता है। यह गुलाल रसायनमुक्त, पर्यावरण हितैषी एवं त्वचा के लिए पूर्णतः सुरक्षित है।
इस अवसर पर नगर निगम के अध्यक्ष रिकुंज विज, एम.आई.सी. डॉं. सुभाष तिवारी, विवेकराम सोनकर, दामोदर सोनी,श्रीमती अंशुल राघवेन्द्र यादव, श्रीमती रजनी कैलाश साहू, निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, आदि उपस्थित रहे।
Author: Jai Lok






