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मणिकर्णिका घाट पर शवों की कतार, पहली बार नमो घाट बंद, खतरे के निशान से ऊपर माँ गंगा

वाराणसी। वाराणसी में माँ गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 57 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे बाढ़ का संकट और गहरा गया है। पहली बार नमो घाट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। घाट पर बना आकर्षक नमस्ते संरचना अब पूरी तरह से डूबने की कगार पर है इसलिए पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है। इससे पहले नमो घाट पर बाढ़ का पानी इतना नहीं आया था।
वहीं, जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि शीतला घाट की सडक़ पर पानी पहुंच गया है। अस्सी घाट की सडक़ों पर जलभराव है। सामने घाट की सडक़ पर बाढ़ का पानी आ गया है।
बाढ़ का पानी बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर से महज 800 मीटर दूर है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सीढिय़ों की तरफ भी गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है। शाम तक गंगा द्वार की 13 सीढिय़ां ही बची थीं। अगर जलस्तर बढऩे का यही सिलसिला रहा तो सोमवार को गंगा द्वार की कुछ और सीढिय़ां डूब सकती हैं।
मणिकर्णिका की गलियों में नावें चल रही हैं। नाव से शव ले जाने के लिए शव यात्रियों से 200 से 500 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। शवों की कतार लगी है। अंतिम संस्कार के लिए पांच से छह घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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