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ममता बनर्जी का चुनावी ‘खेला’ बूथ को 10 लाख, दुर्गा पूजा पंडाल को 1.1 लाख रुपये

बीजेपी ने लगाया धर्म की राजनीति का आरोप
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर अपने राजनीतिक चतुराई और जमीनी पकड़ का परिचय देते हुए दो बड़ी योजनाओं की घोषणा की है, जिनसे राज्य की सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। एक ओर सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजकों को 1.1 लाख रुपये का सरकारी अनुदान, तो दूसरी ओर ‘आमादेर पारा, आमादेर समाधान’ योजना के तहत हर बूथ को 10 लाख रुपये का फंड—इन दोनों घोषणाओं को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
ममता सरकार की नई ‘आमादेर पारा, आमादेर समाधान’ योजना जनता की स्थानीय और छोटी-छोटी समस्याओं को सीधे बूथ स्तर पर हल करने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत: हर बूथ को 10 लाख रुपये का आवंटन किया गया है। 2 अगस्त से शुरू हुआ यह कार्यक्रम पूरे राज्य में तीन बूथों पर एक कैंप के हिसाब से चलाया जा रहा है। कुल योजना की लागत लगभग 8000 करोड़ रुपये है। निगरानी के लिए मुख्य सचिव मनोज पंत की अगुवाई में एक टास्क फोर्स गठित की गई है। ममता बनर्जी ने इसे देश की पहली ऐसी पहल बताया है जो जनता को सीधे अपने क्षेत्र की समस्याएं तय करने और समाधान का हक देती है। इसमें राज्य सरकार केवल सुविधा प्रदाता की भूमिका निभाएगी।
पूजा पंडालों को 1.1 लाख रुपये का अनुदान- ममता सरकार ने सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजकों के लिए दिए जाने वाले अनुदान को पिछले साल के 70,000 से बढ़ाकर 1.1 लाख रुपये कर दिया है। यह फैसला दुर्गा पूजा को राज्य की सांस्कृतिक विरासत मानते हुए किया गया है, लेकिन बीजेपी ने इसे धर्म आधारित वोट बैंक राजनीति करार दिया है।

 

भारतीय संस्कृति को जब -जब खतरा होता है कोई न कोई अवतार जरूर लेता है – शंकराचार्य सदानंद जी सरस्वती

Jai Lok
Author: Jai Lok

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