
शहर के शिव मंदिरों में होगी विशेष पूजा अर्चना
जबलपुर (जयलोक)। भगवान भोलेनाथ के विवाह उत्सव के पर्व महाशिवरात्रि की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही है महाशिवरात्रि का पर्व कल 15 फरवरी दिन रविवार को पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जायेगा। शिव मंदिरों में आज से अखंड रामायण पाठ प्रारंभ होंगे, कल भोलेनाथ का रुद्राभिषेक होगा और वहीं कल भरतीपुर से भगवान भोलेनाथ की बारात निकाली जायेगी। भरतीपुर स्थित शिव पार्वती मंदिर में जोर-शोर से तैयारियाँ चल रही है।

शिव पंचायतन मंदिर में चारों पहर का अभिषेक कल
नर्मदा तट गौरीघाट स्थित हजारों वर्ष प्राचीन शिव पंचायतन मंदिर में 15 फरवरी रविवार को शाम 7 बजे से चार पहर का अभिषेक होगा, जो सुबह तक चलेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार जबलपुर में मां नर्मदा तट के खारीघाट स्थित प्राचीन गोंडवाना काल के शिव पंचायतन मंदिर में पूजन का अलग महत्व है। पौराणिक ग्रंथों के आधार पर नर्मदा तट पर शिव पंचायतन मंदिर अपने आप में दुर्लभ माना गया है, इस प्राचीन मंदिर में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 15 फरवरी रविवार को शाम सात बजे से चार पहर का पूजन अभिषेक शुरु होगा जो सुबह तक चलेगा, इस पूजन अभिषेक का दर्शन करने का महत्व भी किसी पूजन से कम नहीं है। महाअभिषेक पूजन प्रसिद्ध यज्ञाचार्य, भागवत कथा वाचक पंडित राधेश्याम शर्मा शास्त्री के निर्देशन में 11 विप्र पुरोहितों द्वारा सम्पन्न कराया जाएगा।

सुरक्षा के होंगे महाप्रबंध
महाशिवरात्रि का महापर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, और इस अवसर पर शिव भक्तों तथा कांवाडिय़ों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। इस साल महाशिवरात्रि के मौके पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रमुख मंदिरों में पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था के तहत सभी एएसपी और सीएसपी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्था की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की कोई समस्या न उत्पन्न हो। शहर के विभिन्न हिस्सों में भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो भक्तों के बीच अपनी उपस्थिति बनाए रखेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर कांवाडिय़ों द्वारा जल चढ़ाने के लिए विभिन्न मंदिरों पर जाने का सिलसिला रहता है। इन मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है, खासकर उन प्रमुख मंदिरों में जहां हर साल भारी भीड़ जमा होती है। इनमें गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, कचनार सिटी महादेव मंदिर, पाटबाबा, साकेत धाम महादेव मंदिर, गंजीपुरा मंदिर, पिसनहारी की मढिय़ा, सर्वमंगला गौरी शंकर मंदिर, मिल्क स्कीम, भूतनाथ की टेकरी जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निकाली जाने वाली शोभायात्रा-झंडा यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजन के लिए भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

4 जोना में बांटा गया शहर
पुलिस प्रशासन ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया है। इसके अलावा, शहर को 4 प्रमुख जोन में बांटने की योजना बनाई जा रही है, साथ ही 5-6 सेक्टर बनाए जाएंगे। विशेष रूप से पांच बड़े मंदिरों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
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Author: Jai Lok







