
मुसीबत में दिख रहा है अस्पताल प्रबंधन, खुद को बचाने में लगा
जो मौतें हुईं उनका जिम्मेदार कौन?
जबलपुर (जयलोक)। भंवरलाल के पास स्थित मार्बल सिटी अस्पताल में मरीजों की जिंदगी के साथ कैसा खिलवाड़ हो रहा था इसका खुलासा होने के बाद कई प्रकार के सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़े आश्चर्य की बात है कि आखिर तजुर्बेकार डॉक्टर के नाम से जाने पहचाने जाने वाला यह अस्पताल एक फर्जी डॉक्टर की कार्यवाही को कैसे नहीं पकड़ पाया। अस्पताल प्रबंधन ने खुद यह बात स्वीकार कर ली है कि अभी गत कुछ वर्षों से डॉक्टर बृजराज सिंह वीके फर्जी डॉक्टर बनकर मार्बल सिटी अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहा था।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इस बात का पता कैसे चलेगा कि इस फजी डॉक्टर ने कितने मरीज की जिंदगी से खिलवाड़ किया है। कितने मरीज की मौत इस फर्जी डॉक्टर के इलाज से हुई है यह सारे बिंदु पुलिस जाँच का हिस्सा बनेंगे।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से डॉक्टर संजय नागराज खुद को बचाने के लिए अपनी सफाई में यह कहते फिर रहे हैं कि उन्होंने फर्जी डॉक्टर ब्रजराज सिंह उइके की डिग्री और दस्तावेजों को मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल से सत्यापित करवाया। दस्तावेज के साथ-साथ वह डॉक्टर भी फर्जी था और उसकी पहचान में 28 साल से मानवता की सेवा को समर्पित कार्य कुशलता और गुणवत्ता के दावे करने वाला मार्बल सिटी अस्पताल प्रबंधन कैसे एक फर्जी डॉक्टर को नहीं पहचान पाया और उसको इस बात की छूट कैसे मिली कि वह अज्ञानता में वहां पर भर्ती होने वाले मरीजों की जान से खेल करता रहे।
यह कैसे संभव हुआ कि इतनी बड़ी-बड़ी डिग्रियों को हासिल करने वाला फर्जी डॉक्टर कितने समय तक अपनी वास्तविक पहचान छुपा पाने में सफल रहा। जबकि डॉक्टर का एक पूरा बैच और क्लब होता है जो पढ़ाई के दौरान एक दूसरे से जुड़ जाते हैं और फिर डॉक्टर की प्रैक्टिस करते-करते भी एक दूसरे से जुड़े रहते हैं।
अब पुलिस सामने आ रहे सभी बिंदुओं पर जाँच करेगी। केवल सफाई दे देने भर से अस्पताल प्रबंधन की मुसीबतें कम नहीं होने वाली हैं। लापरवाही में एक महिला की जान जाने के बाद उसके रेलवे में पदस्थ बेटे मनोज कुमार ने संदेह होने पर इस पूरे मुद्दे का खुलासा किया है। यह तो एक प्रकरण था जिसमें एक पढ़े लिखे व्यक्ति ने अपने विवेक और ज्ञान का उपयोग कर सच को सामने लाया। न जाने ऐसे कितने मरीज होंगे जो मार्बल सिटी अस्पताल में आकर काल के ग्रास में समा गए और मौत का सही खुलासा ही नहीं हो पाया।

लक्ष्मी का वरदान हैं बेटियाँ, घर की शान है बेटियाँ सरस्वती का मान हैं बेटियाँ,धरती पर भगवान हैं
Author: Jai Lok







