
कार्यालय से कलेक्टर ने बताई जिले में की गई तैयारियाँ, सीएम ने ली वीसी-हनुमानताल से पुलिस अधीक्षक, भटौली से आयुक्त ने बताई व्यवस्थाएँ
परितोष वर्मा
जबलपुर (जयलोक)। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हर छोटे बड़े गंभीर विषय पर स्वयं कितनी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं इसका एक उदाहरण आज सामने आया है। जिले में यह पहली बार हुआ है जब आईएएस आईपीएस अधिकारियों ने मैदान में उतरकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर मौके पर चल रही तैयारी का वीडियो भी प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दिखाया। जो गणेश विसर्जन से संबंधित तैयारी की गई हैं उसका भी अवलोकन करवाया। जबलपुर में विसर्जन के उपरांत देवी देवताओं को चढ़ाए गए फूल माला के संबंध में किए गए नवाचार की जानकारी आयुक्त नगर निगम प्रीति यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की जिस पर उन्होंने इस कार्य की सराहना की और अन्य जरूरी दिशा निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
आज सुबह प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी बड़े जिले जबलपुर, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर के प्रमुख अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से यह जानकारी चाही कि गणेश विसर्जन के पूर्व उनके जिलों में किस प्रकार से व्यवस्थाएं की गई हैं। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना कार्यालय से, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय हनुमान ताल तालाब के समीप उपस्थित होकर एवं नगर निगम आयुक्त प्रीति यादव भटौली स्थित विसर्जन कुंड के समीप उपस्थित होकर इस वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े। इसके अलावा अन्य विसर्जन स्थलों से एसडीम व अन्य सक्षम अधिकारी उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक से जुड़ें।

सामान्य तौर पर मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों की तरह जबलपुर में भी चल रही बाढ़ प्रभाव या बाढ़ नियंत्रण के संबंध में उठाए गए कदम इसके अलावा गणेश विसर्जन की तैयारी के बारे में जानकारी ली। नदी, कुंड, तालाब में क्या व्यवस्थाएं की गई है, किस प्रकार से सुरक्षा के मानक तय किये गए है, सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्या इंतेजामत किए गए हैं। आने जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन और नगर निगम के द्वारा क्या तैयारी और क्या व्यवस्थाएं की गई है इन सब बातों पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा की गई।

नवाचार की सराहना की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जबलपुर आयुक्त प्रीति यादव से यह पूछा कि विसर्जन कुंड में, या नदी में, तालाबों में जो प्रतिमाएं विसर्जित होती हैं उसके बाद उनका क्या किया जाता है इसके साथ ही देवी देवताओं की प्रतिमाओं पर चढ़ाए जाने वाली बड़ी मात्रा में फूल माला पत्तियों की माला आदि का क्या किया जाता है ताकि तालाबों और कुंडों, नदियों को भी संरक्षित रखा जा सके। इस पर आयुक्त प्रीति यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि जबलपुर नगर निगम के द्वारा यह नवाचार किया गया है और शहर में एक कंपोजिट प्लांट की स्थापना की गई है जो समनवित रूप से अलग से लगाये गए वाहनों के द्वारा केवल पूजन सामग्री जिसमें फूल पत्ती माला को विभिन्न स्थान से एकत्रित करेंगे एवं फिर यहां पर लाकर उसे अलग-अलग प्रक्रिया के माध्यम से तैयार कर बाद में महिला सहायता समूह के द्वारा अगरबत्ती धूप बत्ती बनाने के कार्य में लिया जाएगा। इस जानकारी पर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए इस नवाचार की सराहना की।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने दी सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा शहर में बड़ी संख्या में रखे जाने वाली गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के संबंध में जो भी जानकारी चाही उस पर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने एवं पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने वीडियो कांफ्रेंस के दौरान जानकारी का विवरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री को यह जानकारी मिली कि जबलपुर में अति वर्षा के कारण कहीं भी बाढ़ या आपदा जैसी स्थिति नहीं है। क्योंकि रतलाम और अन्य कुछ जिलों में इस प्रकार की स्थितियां निर्मित हुई है। जिस पर अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जबलपुर में बाढ़ जैसी किसी प्रकार की स्थिति नहीं है। विसर्जन की व्यवस्थाएं भी विभिन्न स्थलों पर है कई नदी के घाटों पर एवं अलग-अलग क्षेत्र में स्थित तालाबों पर आसपास के क्षेत्र की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए जाती है इसलिए कहीं भी एक स्थान पर बहुत अधिक दबाव जैसी स्थिति नहीं है। पूर्व से चिन्हित विसर्जन स्थलों पर सभी प्रकार की सुरक्षा और आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को मद्देनजर रखते हुए इंतजाम किए गए हैं। विसर्जन स्थल पर पानी के करीब के्रेन, एनडीआरएफ के दस्ते गोताखोरों का दल और मोटर बोट आदि सभी जीवन रक्षक उपकरण मौजूद हैं। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि बदल बदल कर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है जो अलग-अलग शिफ्ट में हर प्रकार की व्यवस्थाओं को निरबद्ध रूप से संचालित कर रहे हैं।
यह पहला अवसर था जब मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में मुख्यमंत्री द्वारा सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हिंदू धर्मावलम्बियों के बड़े पर्व गणेश महोत्सव के समापन पर होने वाले विसर्जन के इंतजाम और तैयारी के संबंध में सीधे तौर पर जानकारियां ली गई है। शायद यह भी पहला अवसर था जब जिले के वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस अधिकारी मैदान में उतरकर सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लाइव व्यवस्थाएं प्रदेश के मुखिया को दिखा रहे थे।
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Author: Jai Lok







