
जबलपुर (जय लोक)। देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समाज की महिलाओं और लड़कियों से जुड़े अहम मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर उठाया है। इस विषय को लोग अपने अपने नजरिये से देखते हैं लेकिन जो मुस्लिम नेता भाजपा से जुड़े हुए हैं इस बात को महत्वपूर्ण मानते हैं कि मुस्लिम समाज की महिलाओं के हितों की रक्षा समाज की लड़कियों की उच्च स्तर तक की पढ़ाई बेहद आवश्यक है और उनके भविष्य निर्माण के लिए बहुत जरूरी है। इसी बात को आगे बढ़ते हुए शहर के कुछ सक्रिय मुस्लिम व्यक्तियों ने राजनीतिक पटल से हटकर विषय की गंभीरता पर केंद्रित अपनी मांगों को हर स्तर पर उठाना शुरू कर दिया है। मुस्लिम समाज से पप्पू वसीम खान, जमा खान, सैयद शादाब अली, इमरान मंसूरी, डॉ. निसार अंसारी, अशरफ मंसूरी, अमीन अंसारी, जुबेर राइन, शादाब आदि ने यूथ फेडरेशन के बैनर तले मुस्लिम समाज की बच्चियों के लिए उच्च शिक्षा की मांग उठाई है।
जमा खान ने बताया की हम देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उस सोच के समर्थन में यह माँग उठा रहे हैं जो मुस्लिम महिलों को मुस्लिम समाज की बच्चियों को अपने पैरों पर काबिल बनाकर खड़ा करना चाहती है। जबलपुर मढ़ाताल में अंजुमन मढ़ाताल वक्फ में गल्र्स ऑटोनामस कालेज, गल्र्स यूनानी मेडीकल कालेज एवं गल्र्स डिप्लोमा कालेज बनाया जाये। विगत 70 वर्षों में मुस्लिम क्षेत्रों की यह मांग रही है कि महिलाओं की शिक्षा हेतु कालेज हो जिनसे महिलाएं शिक्षा हासिल कर समाज की मुख्य धारा से जुड़े एवं देश की उन्नति में अपनी सहभागिता का हिस्सा बन सकें। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि समाज के उन तबके तक शिक्षा मुहैया कराई जाये जो शिक्षा से वंचित चले आ रहे हैं। साथ ही संपूर्ण महाकौशल क्षेत्र के अंदर एक भी यूनानी मेडीकल कालेज नहीं है। अगर जबलपुर में इस कालेज की स्थापना होती है तो संपूर्ण महाकौशल में शिक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन होगा। अंजुमन बनाने का मकसद यही था कि समाज के उस तबके तक शिक्षा पहुंचाई जाये जो शिक्षा से वंचित है। मांग की गई है कि अंजुमन वक्फ कमेटी की मीटिंग में इस प्रस्ताव को पास किया जाये।

Author: Jai Lok







